ऑनलाइन लाइफ इंश्योरेंस खरीदते समय ध्यान रखें ये 5 बातें, जरूरत के समय नहीं होगी दिक्कत

कोरोना ने इंश्योरेंस की अहमियत को काफी अच्छे तरीके से बताया है। ऐसे में लाइफ इंश्योरेंस खरीदते समय थोड़ी सावधानी बरतें। इससे आपको और आपको परिजनों को भविष्य में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

jansatta special story
नई कार्य संस्कृति में तकनीकी और कौशल पर ज्यादा जोर है। (Source: Pixabay)

कोरोना ने इंश्योरेंस की अहमियत को अच्छी तरह से समझा दिया है। आज अधिकांश लोग लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के बारे में सोच रहे हैं। इसके लिए लोग ऑनलाइन सेवाओं का भी सहारा ले रहे हैं। यदि आप भी लाइफ इंश्योरेंस खरीदने की सोच रहे हैं तो इन पांच बातों का ख्याल जरूर रखें। इससे जरूरत के समय आपको दिक्कत नहीं होगी। आइए जानते हैं कि ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदते समय कौन-कौन सी बातों की ख्याल रखना जरूरी है…

जांच-पड़ताल: यदि आप लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो इसके बारे में अच्छी तरह से पड़ताल कर लें। यह जांच-पड़ताल ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से की जा सकती है। इससे आपको बेहतर कवर पाने में मदद मिलेगी। किसी भी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के चुनने में सम एश्योर्ड की अहम भूमिका होती है। अपनी वित्त जरूरतों के अनुसार सम एश्योर्ड का चुनाव करें। ज्यादा सम एश्योर्ड से जरूरत के समय ज्यादा पैसा मिल जाता है। आप ऑनलाइन कैलकुलेटर के जरिए भी अपनी जरूरतों के अनुसार सम एश्योर्ड की गणना कर सकते हैं।

अन्य उत्पादों से तुलना: आपको ऑनलाइन लाइफ इंश्योरेंस के ढेर सारे विकल्प मिल जाएंगे। ऐसे में आप जिस इंश्योरेंस पॉलिसी को लेने जा रहे हैं, उसकी अन्य उत्पादों से तुलना भी कर लें। इससे बाजार में उपलब्ध अन्य उत्पादों की जानकारी भी मिल जाती है। साथ ही आप पॉलिसी के कुछ फीचर्स, लाभ और अतिरिक्त लाभों के बारे में भी जान जाएंगे। इंश्योरेंस उत्पादों की तुलना करने से बेहतरीन उत्पाद खरीदने में मदद मिलती है।

क्लेम सेटलमेंट रेश्यो: इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली जो बात है वो क्लेम सेटरमेंट रेश्यो है। क्लेम सेटलमेंट रेश्यो से बीमा कंपनी की क्षमताओं की जानकारी भी मिलती है। जिस कंपनी के क्लेम सेटलमेंट रेश्यो ज्यादा होता है। उसे अच्छी कंपनी माना जाता है। ऐसे में जिस कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेश्यो अच्छा है, उसी से इंश्योरेंस खरीदे। इससे जरूरत के समय पॉलिसीहोल्डर या उनके परिवारीजनों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी इरडा की वेबसाइट से भी कंपनियों के क्लेम सेटलमेंट रेश्यो की जानकारी ली जा सकती है।

एड-ऑन चुनते समय समझदारी बरतें: भविष्य को देखते हुए हमेशा ज्यादा कवर वाली लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी का चुनाव करें। कवर अमाउंट पॉलिसी खरीदते समय एक बार तय हो जाता है और फिर इसे बदला नहीं जा सकता है। फिर भी यदि आप अपनी पॉलिसी की कवर राशि से संतुष्ट हैं तो या तो नई पॉलिसी ले सकते हैं या फिर एड-ऑन के जरिए मौजूदा पॉलिसी की कवर राशि को बढ़ा सकते हैं। आज कई प्रकार के एड-ऑन उपलब्ध हैं, जिनमें एक्सीडेंटल डेथ, अपंगता या गंभीर बीमारी को कवरेज भी मिलता है। ऐसे में एड-ऑन का चुनाव समझदारी से करें और अपनी जरूरतों का ख्याल रखें।

उत्पाद का चयन करते समय सतर्कता बरतें: लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय सभी महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा करें। इसमें मेडिकल हिस्ट्री और लाइफस्टाइल से जुड़े आदतें भी शामिल हैं। इससे जल्द क्लेम सेटलमेंट में मदद मिलेगी। साथ ही परिवार को लोगों को क्लेम फाइल करते समय भी कोई दिक्कत नहीं होगी।

पढें व्यापार समाचार (Business News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट