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IDBI बैंक को 5 साल बाद बड़ा मुनाफा, LIC से ये है कनेक्शन

हाल ही में आईडीबीआई बैंक करीब चार साल बाद रिजर्व बैंक के त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) ढांचे से बाहर आया है। रिजर्व बैंक ने आईडीबीआई बैंक को मई, 2017 को पीसीए के तहत डाला था।

bank, idbi bank,आईडीबीआई बैंक की आय 24,557 करोड़ रुपये रही (Photo-Indian Express )

देश के दो बड़े बैंकों ने अपने नतीजे जारी किए हैं। इनमें से एक कोटक महिंद्रा बैंक तो दूसरा आईबीआई बैंक है।

LIC के नियंत्रण वाले आईडीबीआई बैंक ने पांच साल बाद मार्च 2021 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष में मुनाफा अर्जित किया है। बैंक ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1,359 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इससे पहले 2019-20 में बैंक को 12,887 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। आईडीबीआई बैंक के अनुसार पांच साल बाद बैंक को मुनाफा हुआ है।

हालांकि, आईडीबीआई बैंक की पूरे साल की आय पिछले साल की तुलना में कम हो गई। आईडीबीआई बैंक की आय 24,557 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व के वर्ष (2019-20) में 25,295 करोड़ रुपये थी।

आपको बता दें कि हाल ही में आईडीबीआई बैंक करीब चार साल बाद रिजर्व बैंक के त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) ढांचे से बाहर आया है। रिजर्व बैंक ने आईडीबीआई बैंक को मई, 2017 को पीसीए के तहत डाला था। आईडीबीआई बैंक के प्रदर्शन की 18 फरवरी, 2021 को वित्तीय निगरानी बोर्ड (बीएफएस) की बैठक में समीक्षा की गई। इसके बाद बाहर करने का फैसला लिया गया है।

कोटक बैंक का क्या रहा हाल: कोटक महिंद्रा बैंक के मुताबिक मार्च 2021 को समाप्त चौथी तिमाही में उसका मुनाफा 36 प्रतिशत बढ़कर 2,589 करोड़ रुपए हो गया। निजी क्षेत्र के इस ऋणदाता ने पिछले वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 1,905 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। बैंक ने एक बयान में कहा कि चौथी तिमाही में उसे 16,175 करोड़ रुपये की कुल आय हुई जो पिछले वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 12,085 करोड़ रुपये हुई थी। तिमाही के दौरान, एकल मुनाफा भी 33 प्रतिशत बढ़कर 1,682 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 1,267 करोड़ रुपये रहा था।

कोटक बैंक ने लिया ये फैसला: कोटक महिंद्रा बैंक ने शुद्ध मुनाफे में वृद्धि से प्रेरित होकर, कंपनी के निदेशक मंडल ने 31 मार्च, 2021 को समाप्त वर्ष के लिए शुद्ध मुनाफे में से, पांच रुपये के अंकित मूल्य वाले प्रति शेयर के लिए 90 पैसे का लाभांश यानी डिविडेंड देने की सिफारिश की है। बैंक की 31 मार्च, 2021 तक सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) यानी फंसा हुआ कर्ज 3.22 प्रतिशत था, जो मार्च-अंत 2020 में 2.25 प्रतिशत से थोड़ा ऊपर रह गया। (ये पढ़ें— नई तैयारी में रामदेव की पतंजलि)

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