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2जी मामला: अंतिम बहस के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में अंतिम बहस आज 19 दिसंबर तक स्थगित कर दी। अदालत ने कहा कि इस घोटाले से सामने आए मनी लांड्रिंग मामले में गवाहों के बयान दर्ज करने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। इस 2जी स्पेक्ट्रम मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, […]

Author Published on: November 10, 2014 10:28 PM

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में अंतिम बहस आज 19 दिसंबर तक स्थगित कर दी। अदालत ने कहा कि इस घोटाले से सामने आए मनी लांड्रिंग मामले में गवाहों के बयान दर्ज करने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। इस 2जी स्पेक्ट्रम मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, द्रमुक सांसद कनिमोई व 15 अन्य संलिप्त हैं।

सीबीआई के विशेष जज ओ.पी. सैनी ने आज इस मामले में अंतिम बहस की सुनवाई करनी थी। उन्होंने कहा कि यह उचित होगा कि अंतिम बहस अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के दर्ज होने के बाद ही शुरू हो।

हालांकि आज की कार्रवाई के दौरान कुछ व्याकुल क्षण भी देखने को मिले जबकि जज ने द्रमुक सांसद कनिमोई के हाजिर नहीं होने पर उनके खिलाफ आज गैर जमानती वारंट जारी किया, हालांकि घंटे भर के अंदर ही उनके वकील के हाजिर हो कर मुवक्किल की गैर हाजिरी पर माफी मांगने पर इसे रद्द कर दिया।

अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों स्थगन याचिका को अनुमति दे दी है। वकीलों ने बहस आगे बढ़ाने के लिए और समय मांगा था।
अदालत ने कहा,‘दोनों पक्षों ने स्थगन का आग्रह किया है, इसके अलावा उस मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) मामले में अभियोजन गवाही अभी शुरू होनी है।’ जज ने इसे ध्यान में रखते हुए अंतिम बहस के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय की।

संक्षिप्त सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक आनंद ग्रोवर ने कहा कि मामले के रिकॉर्ड को देखने के लिए उन्हें कुछ और समय चाहिए। स्वान टेलीकॉम के प्रवर्तक शाहिद बलवा की ओर से हाजिर हुए वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि अदालत अंतिम बहस कैसे शुरू कर सकती है जबकि सीबीआई की कुछ और गवाहों से पूछताछ की याचिका लंबित है।

अदालत ने 10 सितंबर को बचाव पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद इस मामले को अंतिम बहस के लिए रखा था।
पीएमएलए मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 19 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है जिनमें राजा, कनिमोई, स्वान टेलीकॉम प्रवर्तक शाहिद उस्मान बलवा व विनोद गोयनका, कुसेगांव फ्रूट्स एंड वेजीटेबल्स के आसिफ बलवा व राजीव अग्रवाल, बॉलीवुड निर्माता करीम मोरानी व कलैगनर टीवी के निदेशक शरद कुमार भी शामिल हैं।

अदालत ने 31 अक्तूबर को इनके खिलाफ पीएमएलए के तहत आरोप तय किए और सुनवाई शुरू करने के लिए 11 नवंबर की तारीख तय की।
सीबीआई का आरोप है कि 2जी के 122 लाइसेंस जारी करने के मामले में सरकारी खजाने को 30,984 करोड़ रुपए को नुकसान हुआ। उच्चतम न्यायालय ने इन लाइसेंसों को दो फरवरी 2012 को रद्द कर दिया था।

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