केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के फाउंडर और बोर्ड के अध्यक्ष एसबी (रवि) पंडित का 8 मई, शुक्रवार को पुणे में निधन हो गया, कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी।

कंपनी ने बताया कि गोल्ड-मेडलिस्ट चार्टर्ड अकाउंटेंट और अमेरिका के MIT के स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के पूर्व छात्र पंडित ने एक प्रोफेशनल सर्विस फर्म, Kirtane & Pandit Chartered Accountants (KPCA) की अध्यक्षता भी की थी।

कंपनी ने कहा कि तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में, पंडित ने भारत और विदेशों में टेक्नोलॉजी-आधारित मोबिलिटी समाधानों और सस्टेनेबिलिटी पहलों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। व्यापार के अलावा, वे कई नागरिक, शैक्षिक और नीतिगत संस्थानों से भी जुड़े रहे।

बयान में कहा गया है कि उन्होंने पुणे इंटरनेशनल सेंटर और जनवाणी जैसे संगठनों की सह-स्थापना की; गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स में सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट को समर्थन दिया और सामाजिक संगठन ज्ञान प्रबोधिनी के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।

पंडित ने थर्मैक्स लिमिटेड, वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट इंडिया और आगा खान रूरल सपोर्ट प्रोग्राम इंडिया के बोर्ड में भी अपनी सेवाएं दीं।

समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, कंपनी ने बताया कि उन्होंने कई मंचों पर भारतीय उद्योगों का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें महरत्ता चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर के अध्यक्ष के रूप में कार्य करना और सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट में रिसर्च काउंसिल की अध्यक्षता करना शामिल है।

कंपनी ने यह भी बताया कि पंडित नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के लिए गठित अधिकार प्राप्त समूह (एम्पावर्ड ग्रुप) के एकमात्र निजी क्षेत्र के सदस्य थे। उन्होंने हाल ही में हृदय (हाइड्रोजन रेवोल्यूशन फॉर इंडियाज डेवलपमेंट ऑफ एग्रीकल्चर एंड एनर्जी) पहल की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य स्वच्छ-ऊर्जा टेक्नोलॉजी के माध्यम से समेकित विकास को बढ़ावा देना था।

कंपनी ने बताया कि पंडित ने “लीपफ्रॉगिंग टू पोल-वॉल्टिंग” नामक पुस्तक का सह-लेखन भी किया था, जो प्रगतिशील और सतत बदलाव पर केंद्रित है।

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