समय सीमा पार होने के बाद भी ये लोग बिना पेनाल्टी भर सकते हैं आईटीआर, जानें इससे जुड़े आयकर नियम

आयकर अधिनियम के तहत कुछ लोगों को विशेष छूट दी गई है। ये लोग समयसीमा समाप्त हो जाने के बाद भी बिना जुर्माना दिए आईटीआर भर सकते हैं।

ITR Filing Without Penalty
कुछ लोग समयसीमा में आईटीआर फाइल नहीं कर पाते हैं और जुर्माना भरते हैं। (Source: Indian Express)

हर साल देश में करोड़ों लोग आयकर का रिटर्न (Income Tax Return) भरते हैं। इनमें से कई लोग ऐसे होते हैं, जो समय सीमा में आईटीआर (ITR) नहीं फाइल कर पाते और इसके कारण जुर्माना भरते हैं। हालांकि आयकर अधिनियम में कुछ खास लोगों को इस जुर्माने से छूट दी गई है। ये लोग बिना जुर्माना दिए समय सीमा पार होने के बाद भी आईटीआर भर सकते हैं।

आयकर नियमों (IT Rules) को देखें तो वैसे व्यक्ति जिनकी कुल आय छूट की बेसिक लिमिट के दायरे में है, उन्हें समय सीमा पार होने के बाद भी आईटीआर भरने पर जुर्माना नहीं देना होता है।

बेसिक लिमिट के बारे में क्या कहते हैं IT Rules

मौजूदा नियमों के अनुसार, आयकर से छूट की बेसिक लिमिट इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कौन सी कर व्यवस्था को चुना है। यदि आपने नई कर व्यवस्था को चुना है तो 2.50 लाख रुपये तक की सालाना आय पर आयकर से छूट मिलती है। इस व्यवस्था में छूट की यह लिमिट हर उम्र के करदाताओं के लिए समान है।

बेसिक लिमिट में आय होने पर भी इन लोगों को नहीं मिलती है छूट

पुरानी व्यवस्था को चुनने वाले करदाताओं के लिए छूट की बेसिक लिमिट उनकी उम्र के साथ कुछ अन्य शर्तों पर निर्भर करती है। भारत के निवासी करदाताओं के मामले में यह लिमिट 60 वर्ष तक की उम्र वालों के लिए 2.50 लाख रुपये है। 60 से 80 साल वाले सीनियर सिटिजन को तीन लाख रुपये और 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले सुपर सीनियर सिटिजन को पांच लाख रुपये तक की आय पर यह छूट मिलती है। इस दायरे में आने वाले सभी करदाता समय सीमा के बाद भी बिना पेनाल्टी के आईटीआर फाइल कर सकते हैं।

हालांकि इस दायरे में आने वाले विशेष करदाताओं को यह छूट नहीं मिलती हैं। जिन लोगों ने किसी बैंक के चालू खाते में एक करोड़ रुपये या इससे अधिक जमा किया है, उन्हें यह छूट नहीं मिलती है। इसी तरह विदेश यात्रा पर दो लाख रुपये से अधिक खर्च करने वाले और एक लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल भरने वाले करदाताओं के ऊपर भी यह शर्त लागू है। इस दायरे में आने वाले करदाता समय सीमा समाप्त होने से पहले आईटीआर भरने पर ही जुर्माने से बच सकते हैं।

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किसी विदेशी कंपनी का शेयर या कोई अन्य विदेशी संपत्ति रखने वाले करदाताओं को भी यह छूट नहीं मिलती है। ऐसे करदाताओं के लिए भी समय सीमा के भीतर आईटीआर भरना अनिवार्य है।

31 दिसंबर है ITR भरने की समय सीमा

कुल मिलाकर बेहतर यही है कि परेशानियों से बचने के लिए समय सीमा (ITR Last Date) समाप्त होने से पहले ही आईटीआर भरा जाए। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आईटीआर भरने की समय सीमा को हाल ही में बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया गया है।

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