रिजेक्ट हो जाता है इंश्योरेंस क्लेम, जान लें कारण, क्लेम पास कराने में मिलेगी मदद

इंश्योरेंस क्लेम का रिजेक्ट हो जाना बेहद आम बात है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि लोग पॉलिसी खरीदते समय उसके टर्म्स एंड कंडिशंस को ध्यान से नहीं पढ़ते हैं।

Insurance Claim Rejection
पॉलिसी खरीदते समय टर्म्स एंड कंडिशंस को जान लेना जरूरी है। (Express Photo)

इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट (Insurance Claim Rejection) हो जाना कोई नई बात नहीं है। क्लेम पास कराना इंश्योरेंस के नियमों व शर्तों (Terms and Conditions) के चलते टेढ़ा काम हो जाता है। एचडीएफसी एर्गो (HDFC Ergo) के द्वारा हाल ही में एक क्लेम रिजेक्ट किए जाने के बाद यह मुद्दा फिर से उभरकर सामने आ गया है। हालांकि इंश्योरेंस लेते समय कुछ बातों को ध्यान में रखा जाए और सावधानियां बरती जाएं, तो क्लेम रिजेक्ट होने की समस्या काफी हद तक दूर की जा सकती है।

150सीसी से अधिक के मोटरसाइकिल के चलते क्लेम हुआ रिजेक्ट

बाइक एक्सीडेंट (Bike Accident) में मौत से संबंधित इंश्योरेंस क्लेम को रिजेक्ट किए जाने का कारण दिलचस्प है। एचडीएफसी एर्गो ने क्लेम रिजेक्ट करते हुए इस मामले में कहा है कि संबंधित व्यक्ति 346 सीसी का बाइक चला रहा था, अत: क्लेम पास नहीं किया जा सकता है। एचडीएफसी एर्गो ने पॉलिसी के नियमों व शर्तों के एक्सक्लुजन क्लाउज 8 का हवाला देते हुए कहा है कि 150 सीसी से अधिक के मोटरसाइकिल या स्कूटर से हुई दुर्घटना के मामले में क्लेम पास नहीं किया जा सकता है। आइए जानते हैं, इंश्योरेंस लेते समय और क्लेम करते समय क्या सावधानियां बरतने की जरूरत है।

टर्म्स एंड कंडिशंस को अच्छे से पढना जरूरी

आम तौर पर लोग इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय उसके टर्म्स एंड कडिशंस को नहीं पढ़ते हैं। कंपनियां इसमें कई ऐसी शर्तें जोड़कर रखती हैं, जिनके बारे में आप अनभिज्ञ रहते हैं। पॉलिसी लेने से पहले उसके सारे टर्म्स एंड कंडिशंस को अच्छे से पढ़ और समझ लेना बेहद जरूरी है। इसके लिए एजेंट पर निर्भर नहीं रहें। अभी कई ऑनलाइन पोर्टल (Online Portal) पॉलिसी डिटेल्स मुहैया करा रहे हैं। आप इन पोर्टल पर किसी एक प्रोडक्ट को अन्य प्रोडक्ट से कंपेयर भी कर सकते हैं।

डिफाइन करने के तरीके से भी रिजेक्ट होते हैं क्लेम

क्लेम रिजेक्ट होने का सबसे प्रमुख कारण परिभाषा (Definition) है। किसी इश्यू को आप जिस तरह से डिफाइन करते हैं, इंश्योरेंस कंपनी उसे अलग तरीके से डिफाइन करती है। जैसे आपने घर में चोरी का इंश्योरेंस कराया है। अब आपके घर के किसी सदस्य या स्टाफ ने चोरी की तो इस स्थिति में आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। इंश्योरेंस कंपनियां चोरी की उन्हीं घटनाओं में क्लेम पास करती हैं, जिनमें इस बात के ठोस सबूत हों कि चोरी की नियत से आपके घर में जबरन घुसकर घटना को अंजाम दिया गया है।

पहले से हुई बीमारियों को लेकर टर्म्स जरूर जान लें

हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) के मामलों में रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण पहले से हुई बीमारियां रहती हैं। इंश्योरेंस कंपनियां इस बात पर भी आपका क्लेम रिजेक्ट कर सकती हैं कि आपको पहले से कोई बीमारी थी और आपने पॉलिसी लेते समय कंपनी को उसके बारे में नहीं बताया। हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय प्री एक्जिस्टिंग इलनेस को अच्छे से चेक कर लेना जरूरी है।

ट्रैवल इंश्योरेंस क्लेम इस कारण होता है रिजेक्ट

ट्रैवल इंश्योरेंस (Travel Insurance) के मामले में फ्लाइट कैंसल या डिले होने की स्थिति में कंपनी आपको भुगतान करती है। हालांकि इसमें भी कई शर्तें होती हैं। यदि एयरलाइन ने किसी प्राकृतिक आापदा के चलते फ्लाइट को कैंसल या डिले किया है, तो आपका क्लेम वैलिड रहेगा। अगर आपकी गलती से फ्लाइट छूट जाती है तो क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा।

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घटना के तुरंत बाद फाइल करें क्लेम

कई बार क्लेम रिजेक्ट होने का कारण देर करना होता है। क्लेम करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि जितनी देरी होगी, रिजेक्ट होने के चांसेज उतने अधिक होंगे। इंश्योरेंस कंपनियां आम तौर पर क्लेम करने के लिए सात से 30 दिन का समय देती हैं। बिना वजह क्लेम रिजेक्शन से बचने के लिए घटना के तुरंत बाद क्लेम करने का प्रयास करना चाहिए।

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