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EPF से बेहतर साबित हो सकता है NPS, हर महीने पैसे जमाकर कमाएं लाखों, पेंशन भी मिलेगी

मार्केट लिंक्ड स्कीम एनपीएस ने पिछले 5 साल में 12.79 प्रतिशत का एवरेज रिटर्न दिया है। इस लिहाज से एनपीएस रिटायरमेंट के लिए पूंजी जोड़ने वालों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

Author नई दिल्ली | January 29, 2017 2:36 PM
हर रोज 30 रुपए जमा करके कमाए करोड़ों(Photo Source: Reuters) (Representative Image)

रिटायमेंट की प्‍लानिंग के लिए सबसे बेहतरीन निवेश विकल्‍प EPF (इंप्‍लॉई प्रोविडेंट फंड) रहा है। लोग रिटायमेंट के लिए पैसे जमा करने के लिए ईपीएफ को ही चुनते हैं, लेकिन एक और सरकारी स्कीम है नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) जो आपको ईपीएफ से ज्यादा रिटर्न देती है। वर्तमान में ईपीएफ पर 8.65 प्रतिशत का ब्याज मिलता है। पहले यह ब्याज दर 8.8 प्रतिशत थी, जिसे घटाया गया था। वहीं मार्केट लिंक्ड स्कीम एनपीएस ने पिछले 5 साल में 12.79 प्रतिशत का एवरेज रिटर्न दिया है। इस लिहाज से एनपीएस रिटायरमेंट के लिए पूंजी जोड़ने वालों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

NPS और EPF में अंतर?
ईपीएफ ईपीएफ के मामले में निवेश बेहद अनुशासित होता है। इसमें इन्‍वेस्‍टमेंट कर्मचारी को खुद कुछ नहीं करना होता है। उसकी बेसिक सेलरी का 12 फीसदी हिस्सा ईपीएफ के कंट्रीब्‍यूशन के तौर पर कट जाता है और उतनी ही राशि नियोक्ता (इम्प्लॉयर) द्वारा जमा की जमा की जाती है। वहीं, एनपीएस में एनपीएस के मामले में कंट्रीब्‍यूशन पूरी तरह से स्वैच्छिक है। इसमें निवेशक एक मुश्त या किस्तों में हो सकता है।

निवेश की सीमा
NPS में एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 6000 रुपए का निवेश करना जरूरी होता है। आप इसे एकमुश्त या किस्तों दोनों में से एक विकल्प चुन सकते हैं। इसमें निवेश के लिए अपर लिमिट की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। दूसरी ओर ईपीएफ में प्रति माह कर्मचारी की सैलरी का 12 फीसदी हिस्‍सा काट लिया जाता है। कर्मचारी चाहे तो अपनी निवेश राशि को नियोक्‍ता से कह कर बढ़वा भी सकता है।

संभावित रिटर्न
ईपीएफ (EPF) में रिटर्न पहले से ही तय होता है जबकि एनपीएस में रिटर्न फिक्स नहीं होता है। ईपीएफ में सभी अंशधारकों के लिए रिटर्न समान होता है। पिछले वित्‍त वर्ष ईपीएफ पर 8.75 फीसदी की दर से ब्‍याज मिलता था। जिसे इस साल 8.8 फीसदी कर दिया गया है। बाद में फिर से दर में परिवर्तन करते हुए 8.65 प्रतिशत किया गया। दूसरी ओर इक्विटी में निवेश के कारण एनपीएस पर रिटर्न निश्चित नहीं होता। यह बाजार की चाल पर पूरी तरह निश्चित है। हालांकि सामान्‍य परिस्थिति में आपका एनपीएस रिटर्न ईपीएफ से 2 से 3 फीसदी अधिक रहता है। पिछले 5 साल में 12.79 प्रतिशत का एवरेज रिटर्न दिया है।

हर महीने 2000 रुपए निवेश 60 साल बाद ले सकते हैं एक करोड़ से ज्यादा की रकम
इस स्कीम में जमा हुई राशि का 60 प्रतिशत एकसाथ निकाल सकते हैं और 40 पर्सेंट का एन्यूटी स्कीम में निवेश करके पेंशन ले सकता है। निवेशक चाहे तो एन्यूटी में 100 प्रतिशत का निवेश कर सकता है। एनपीएस स्कीम में अगर आप 25 साल की एज में 2000 रुपए प्रतिमाह जमा करते हैं तो 12 पर्सेंट रिटर्न के हिसाब से आप करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपए की पूंजी जमा कर सकते हैं। 25 साल की उम्र से 60 साल की उम्र तक आप 35 साल में केवल 8.40 लाख रुपए जमा करते हैं लेकिन आपको इसके बदले में एक करोड़ से ज्यादा की राशि मिलती है। आप चाहें तो इसके 60 प्रतिशत (75 लाख रुपए से ज्यादा) को आप एकमुश्त निकाल सकते हैं। वहीं, 40 प्रतिशत राशि हो एन्यूटी स्कीम में जमा करके आठ प्रतिशत के अनुमानित ब्याज पर करीब 50 रुपए पेंशन के रूप में प्रति माह प्राप्त कर सकते हैं।

 

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