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कोर्ट में फ्यूचर ग्रुप का आरोप, ईस्ट इंडिया कंपनी जैसा बर्ताव कर रही अमेजॉन, हरीश साल्वे लड़ रहे किशोर बियानी का केस

हरीश साल्वे ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि अमेजॉन एक कानूनी रूप से चल रहे बिजनेस में दखल दे रहा है। बता दें कि अगस्त में फ्यूचर ग्रुप ने अपने रिटेल बिजनेस को 24,713 करोड़ रुपये की डील में रिलायंस के हाथों बेच दिया था।

kishore biyaniफ्यूचर ग्रुप के मुखिया किशोर बियानी

रिलायंस से डील को लेकर फ्यूचर ग्रुप और अमेजॉन की लड़ाई अब दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गई है। उच्च न्यायालय में फ्यूचर ग्रुप ने अमेजॉन के ऐतराज को लेकर कहा कि उसका रवैया ईस्ट इंडिया कंपनी जैसा है। फ्यूचर रिटेल की ओर से सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने कहा कि इस डील में यदि अमेजॉन दखल देता है तो इससे हजारों लोगों की नौकरियां चली जाएंगी। इसके अलावा फ्यूचर रिटेल लिमिटेड दिवालिया हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘माइनॉरिटी राइट्स का संरक्षण किए जाने की यह अवधारणा गलत है कि हजारों लोग नौकरियां गंवा दें और फ्यूचर रिटेल दिवालिया हो जाए। लेकिन अमेरिकी कंपनी का मूड खराब नहीं होना चाहिए।’

उन्होंने कहा कि आज के दौर में यह कहना कि मैं 25,000 करोड़ रुपये की कंपनी को खत्म कर दूंगा। यह अमेजॉन की ईस्ट इंडिया कंपनी के दौर की मानसिकता को दर्शाता है। हरीश साल्वे ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि अमेजॉन एक कानूनी रूप से चल रहे बिजनेस में दखल दे रहा है। बता दें कि अगस्त में फ्यूचर ग्रुप ने अपने रिटेल बिजनेस को 24,713 करोड़ रुपये की डील में रिलायंस के हाथों बेच दिया था। इस डील को लेकर अमेजॉन ने ऐतराज जताया था और सिंगापुर की आर्बिट्रेशन कोर्ट में केस दायर किया था।

आर्बिट्रेशन ने इस डील को रोकने का आदेश दिया था। इसके बाद अमेजॉन और फ्यूचर ग्रुप ने उस फैसले को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया है। भले ही सिंगापुर आर्बिट्रेशन कोर्ट ने डील को रोकने का आदेश दिया है, लेकिन वह फैसला सीधे तौर पर भारत में लागू नहीं होता। उसे लागू कराने के लिए भारत के किसी हाई कोर्ट या फिर सुप्रीम कोर्ट का आदेश जरूरी है। बीते तीन दिनों से लगातार हाई कोर्ट के जस्टिस मुकुल गुप्ता की अदालत में सुनवाई चल रही है। फिलहाल कोर्ट ने मामले की सुनवाई 19 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी है।

दरअसल बीते साल अमेजॉन ने फ्यूचर ग्रुप की कंपनी फ्यूचर कूपन्स में 1,430 करोड़ रुपये के निवेश पर 49 पर्सेंट हिस्सेदारी खरीदी थी। बता दें कि पिछले दिनों फ्यूचर ग्रुप ने कहा था कि यदि रिलायंस के साथ डील फेल होती है तो वह कारोबार ही खत्म कर सकते हैं। किशोर बियानी का कहना था कि डील फेल होने पर उनके पास कंपनी की संपत्तियों को बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। यदि ग्रुप अपने रिटेल बिजनेस को खत्म करता है तो इससे 29,000 नौकरियां चली जाएंगी।

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