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Reliance से जुड़ी इस डील को रोकने के लिए Amazon का नया दांव, फ्यूचर ग्रुप की बढ़ेगी टेंशन!

बीते साल फ्यूचर ग्रुप और रिलायंस रिटेल के बीच 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की एक डील हुई थी। हालांकि, इस डील पर ई कॉमर्स कंपनी अमेजन को आपत्ति है।

मुकेश अंबानी, जेफ बेजोस, किशोर बियानी (Photo-PTI, Indian Express )

रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर ग्रुप के बीच की डील को रोकने के लिए अमेरिकी ई कॉमर्स कंपनी अमेजन हर कवायद कर रही है। यही वजह है कि अमेजन ने डील रोकने के लिए अलग-अलग अदालतों में याचिका दायर की है। अब एक बार फिर अमेजन ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आपको यहां बता दें कि रिलायंस के मुखिया मुकेश अंबानी हैं जबकि अमेरिकी कंपनी अमेजन के फाउंडर दुनिया के सबसे दौलतमंद शख्स जेफ बेजोस हैं। इसके अलावा फ्यूचर ग्रुप की कमान रिटेल मार्केट किंग के नाम से मशहूर रहे किशोर बियानी के पास है।

क्या है मामला: फ्यूचर ग्रुप की रिटेल कंपनी फ्यूचर रिटेल के मुताबिक अमेजन ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई है। फ्यूचर रिटेल के मुताबिक कंपनी के वकीलों को 13 अप्रैल, 2021 को अमेजन डॉट कॉम के वकीलों एनवी इनवेस्टमेंट होल्डिंग्स एलएलसी से इस संबंध में जानकारी मिली है। फ्यूचर रिटेल ने आगे कहा कि वह अपने वकीलों के माध्यम से मुकदमा लड़ेगी और अपना पक्ष रखेगी।

असल में हाईकोर्ट ने 22 मार्च को एकल न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगा दी थी। आदेश में फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ अपना कारोबार बेचने के समझौते पर कदम बढ़ाने से मना किया गया था। हाईकोर्ट के रोक के फैसले के बाद एक बार फिर रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के बीच की डील आगे बढ़ने की उम्मीद दिखी। हालांकि, अब अमेजन के सुप्रीम कोर्ट जाने से मामला और आगे बढ़ता दिख रहा है।

अमेजन के पक्ष में सुनाया था फैसला: आपको बता दें कि एकल न्यायाधीश ने अमेजन की याचिका पर उसके पक्ष में फैसला सुनाया था। याचिका में सिंगापुर की आपात मध्यस्थता न्यायाधिकरण के निर्णय को लागू करने के लिये निर्देश देने का आग्रह किया गया था। मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने 25 अक्टूबर, 2020 को अपने फैसले में फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को आगे नहीं बढ़ाने को कहा था।

क्या है मामला: बीते साल फ्यूचर ग्रुप और रिलायंस रिटेल के बीच 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की एक डील हुई थी। इसके तहत फ्यूचर ग्रुप के रिटेल और लॉजिस्टिक कारोबार का रिलायंस को अधिग्रहण करना है। हालांकि, इस डील पर ई कॉमर्स कंपनी अमेजन को आपत्ति है। अमेजन की आपत्ति की वजह एक डील है। (ये पढ़ें-अडानी संभाल रहे हैं अंबानी का कारोबार)

आपको बता दें कि अगस्त 20019 में अमेजन फ्यूचर समूह की गैर सूचीबद्ध कंपनी फ्यूचर कूपंस लिमिटेड की 49% हिस्सेदारी खरीदने का एक करार किया था। फ्यूचर कूपंस के पास फ्यूचर समूह की बीएसई में सूचीबद्ध कंपनी फ्यूचर रिटेल की 7.3% हिस्सेदारी है। इसी को आधार बनाकर अमेजन ने रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की डील का विरोध किया है।

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