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किंगफिशर हाउस और गोवा विला को फिर नहीं मिला खरीदार, माल्या पर है ₹9000 करोड़ से अधिक का बकाया

किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्ववर्ती मुख्यालय किंगफिशर हाउस के लिए आरक्षित मूल्य 103.5 करोड़ रुपए रखा गया था।

Author मुंबई | March 6, 2017 7:26 PM
Kingfisher House Auction, Kingfisher Goa Villa Auction, Kingfisher Goa Villa news, Kingfisher Goa Villa latest news, Kingfisher Goa Villa price, Kingfisher House price, Vijay Mallya newsकर्ज की वजह से किंगफिशर एयरलाइन्स की सेवा बंद है। (फाइल फोटो)

विजय माल्या की दो आलीशान संपत्तियों के लिए सोमवार (6 मार्च) को भी कोई खरीदार सामने नहीं आया। यहां किंगफिशर हाउस तथा गोवा में किंगफिशर विला को एक बार फिर से नीलामी के लिए रखा गया था, लेकिन यह विफल रही। इनके लिए एक भी बोली नहीं आई। भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई वाले 17 बैंकों के गठजोड़ ने दोनों संपत्तियों के लिए आरक्षित मूल्य में 10 प्रतिशत की कटौती की थी। बैंकों के गठजोड़ को एयरलाइन से हजारों करोड़ रुपए के कर्ज की वसूली करनी है। यह एयरलाइन 2012 में खस्ता वित्तीय हाल के बाद बंद हो गई थी। किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्ववर्ती मुख्यालय किंगफिशर हाउस के लिए आरक्षित मूल्य 103.5 करोड़ रुपए रखा गया था, जबकि गोवा की किंगफिशर विला के लिए यह 73 करोड़ रुपए था।

माल्या करीब एक साल से ब्रिटेन में हैं। भारत में उनके खिलाफ समन जारी किए जा चुके हैं लेकिन वह यहां पेश नहीं हुए। कई बैंकों ने उनके खिलाफ वसूली की प्रक्रिया शुरू की है। वहीं कुछ बैंकों ने माल्या को जानबूझकर चूक करने वाला यानी विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया है। पिछले सप्ताह माल्या ने कई ट्वीट कर कहा था कि किंगफिशर एयरलाइंस के विफल होने की वजह खराब इंजन थे। यह चौथा मौका है जबकि किंगफिशर हाउस की नीलामी विफल हुई है। वहीं तीसरी बार किंगफिशर विला को कोई खरीदार नहीं मिल पाया। बैंकों की ओर से इन दोनों संपत्तियों की नीलामी एसबीआई कैप ट्रस्टी ने आयोजित की थी। माल्या पर एसबीआई, पीएनबी, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, फेडरल बैंक और एक्सिस बैंक जैसे ऋणदाताओं को 9,000 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है।

कर्ज में फंसे विजय माल्या ने कहा, चुनावी भाषणों से मैं राजनीतिक फुटबॉल बन गया हूं

ऋण नहीं चुकाने के मामले में फंसे शराब कारोबारी विजय माल्या ने गुरुवार (23 फरवरी) को कहा कि वह देश की दो प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के बीच ‘राजनीतिक फुटबॉल’ बन गए हैं। माल्या फिलहाल ब्रिटेन में हैं। उन्होंने बिजनेस न्यूज चैनल बीटीवीआई से कहा, ‘सब कुछ किंगफिशर एयरलाइंस की विफलता से शुरू हुआ। सरकारी स्वामित्व वाले बैंक भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन की विफलता के लिए मुझे व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार ठहराने और अपने कर्ज वापसी की कोशिश कर रहे हैं। मैंने भी उन पर जवाबी दावा किया है।’

माल्या ने यह भी कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक दीवानी मामले को आपराधिक मामले में बदल दिया और इसके बाद बैंकों के साथ धोखाधड़ी और धन की हेराफेरी के आरोप भी जोड़ दिए गए। माल्या ने कहा, ‘मैं इन सबसे गंभीरता के साथ कानूनी तौर पर लड़ रहा हूं। मेरा मानना है कि उनके पास मेरे खिलाफ ऐसा कोई मामला नहीं बनता है।’ माल्या ने कहा, ‘लेकिन भारत तो भारत है। मैं देश के दो प्रमुख भारतीय राजनीतिक दोलों के बीच फुटबॉल बन गया हूं, जैसा कि चुनावी भाषणों से साफ परिलक्षित होता है। मैं उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करूंगा।’

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