Budget 2016-17: कपड़ों, जूतों पर वैट वृद्धि को वापस लेते हुए केजरीवाल ने कहा कि केंद्र की तरह अहंकारी नहीं - Jansatta
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Budget 2016-17: कपड़ों, जूतों पर वैट वृद्धि को वापस लेते हुए केजरीवाल ने कहा कि केंद्र की तरह अहंकारी नहीं

दिल्ली विधानसभा ने वित्त वर्ष 2016-17 का बजट बुधवार को ध्वनि मत से पास कर दिया, साथ ही सरकार ने कपड़ों और जूतों पर बजट में प्रस्तावित वैट को वापस ले लिया।

Author नई दिल्ली | April 1, 2016 4:10 AM
केजरीवाल ने बोला मोदी सरकार पर हमला

दिल्ली विधानसभा ने वित्त वर्ष 2016-17 का बजट बुधवार को ध्वनि मत से पास कर दिया, साथ ही सरकार ने कपड़ों और जूतों पर बजट में प्रस्तावित वैट को वापस ले लिया। बजट चर्चा पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार केंद्र की तरह जिद्दी और अहंकारी नहीं है, व्यापारियों द्वारा संज्ञान में लाए जाने के बाद सरकार को गलती समझ आई और वैट वापसी का फैसला 24 घंटे के अंदर ले लिया गया। केजरीवाल ने कहा कि उनकी केंद्र से अपील है कि वह हठधर्मिता छोड़कर आभूषणों पर लगाया गया उत्पाद शुल्क वापस ले। मुख्यमंत्री ने बजट चर्चा के दौरान केंद्र पर निशाना साधने का कोई अवसर नहीं छोड़ा और विपक्ष के समक्ष नई राजनीतिक परंपरा का प्रस्ताव भी रखा।

बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘कर संरचना को तार्किक बनाने की प्रक्रिया में सरकार से गलती हुई और हम पड़ोसी राज्यों में कपड़ा और फुटवियर पर कर के बारे में जानकारी नहीं इकट्ठा कर पाए। सरकार की मंशा किसी की रोटी छिनने की नहीं है, इसलिए इन वस्तुओं पर वैट वापसी का फैसला मंगलवार की रात को ही ले लिया गया था’। वैट वापसी के साथ बजट पास होने के बाद विधानसभा परिसर के अंदर कपड़े और जूते के व्यापारियों के दल ने सरकार के फैसले का नारे लगाकर स्वागत किया। व्यापारियों का तर्क था कि पड़ोसी राज्यों में इनपर कर नहीं है, इसलिए दिल्ली में वैट लगने से सारा व्यापार पड़ोसी राज्यों में स्थानांतरित हो जाएगा।

नेता विपक्ष द्वारा वैट वापसी के फैसले पर यू-टर्न के आरोप पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि जनता की भलाई के लिए ऐसे हजारों यू-टर्न लेने पड़े तो सरकार लेगी। केजरीवाल ने कहा कि इस फैसले से खुलासा हो गया है कि व्यापारियों का शुभचिंतक कौन है, पिछले 29 दिनों से सर्राफा बाजार बंद है, सोने-चांदी के व्यापारी सड़कों पर है, पर केंद्र अपने अहंकार में है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं इस सदन से हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि केंद्र सरकार हमारी तरह जिद छोड़कर उत्पाद शुल्क वापस ले’। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नेता विपक्ष को सुनने के बाद पूरा विश्वास हो गया है कि बजट में कोई कमी नहीं बची है। केजरीवाल ने कहा कि सत्ता और विपक्ष आपस में कामों का बंटवारा कर लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष केंद्र के पास दिल्ली राज्य के लंबित बिलों को वापस लाए या पास करवाए, साथ ही केंद्र के अधीन आने वाले अन्य काम करे, उपराज्यपाल से विभिन्न प्रस्तावों की मंजूरी दिलवाए, बदले में सत्ता पक्ष उनकी सभी कामों की मांग पूरी करेगा।
मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार आइएसआइ और नवाज शरीफ से दोस्ती कर सकती है तो विपक्ष को हमसे दोस्ती करने में क्या बैर है। केजरीवाल के प्रस्ताव से लाजवाब नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सत्ता और विपक्ष एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं, हमें अपनी भूमिका निरंतर निभानी है।

गलती, माफी और विपक्ष से दोस्ती
’कर संरचना को तार्किक बनाने की प्रक्रिया में सरकार से गलती हुई और हम पड़ोसी राज्यों में कर के बारे में जानकारी नहीं इकट्ठा कर पाए। सरकार की मंशा किसी की रोटी छिनने की नहीं है, इसलिए कपड़े और जूतों पर वैट वापसी का फैसला मंगलवार की रात को ही ले लिया गया था
’इस फैसले से खुलासा हो गया है कि व्यापारियों का शुभचिंतक कौन है। केंद्र अपने अहंकार में है। मैं इस सदन से हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि केंद्र सरकार हमारी तरह जिद छोड़कर उत्पाद शुल्क वापस ले।
’सत्ता और विपक्ष आपस में कामों का बंटवारा कर लें। विपक्ष उपराज्यपाल से विभिन्न प्रस्तावों की मंजूरी दिलवाए, बदले में सत्ता पक्ष उनकी सभी मांग पूरी करेगा। केंद्र सरकार आइएसआइ और नवाज शरीफ से दोस्ती कर सकती है तो विपक्ष को हमसे दोस्ती करने में क्या बैर है।
-अरिवंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री

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