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‘सीमेंट किंग’ यदुपति सिंघानिया का निधन, बेस्ट सीईओ का मिला था सम्मान, जानें- कैसे 4 पीढ़ियों के बिजनेस को दी नई ऊंचाई

आईआईटी से पढ़े यदुपति ने अपने करियर की शुरुआत कंपनी के सीमेंट और कॉटन डिविजन से की थी, लेकिन दूरदर्शी यदुपति ने यह जान लिया था कि तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था में सीमेंट एक बड़ा कारोबार बन सकता है।

yadupati singhaniaयदुपति सिंघानिया का सिंगापुर में हुआ निधन

देश की दिग्गज सीमेंट कंपनी जेके ग्रुप के चेयरमैन यदुपति सिंघानिया का सिंगापुर में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे सिंघालिया को करीब डेढ़ महीने पहले सिंगापुर के एक अस्पाल में ऐडमिट कराया गया था। वाइट सीमेंट के मामले में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी के मुखिया रहे यदुपति सिंघानिया ने 2004 में कंपनी के सीईओ का पद संभाला था। वह उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन भी थे। यदुपति को सीमेंट किंग के नाम से भी जाना जाता था। 2015 में ही उनके पिता गौरहरि सिंघानिया का निधन हुआ था। जेके कंपनी की स्थापना लाला कमलापत सिंघानिया ने की थी, जो यदुपति सिंघानिया के परदादा थे। आइए जानते हैं, कैसे 4 पीढ़ियों से चले आ रहे जेके ग्रुप को यदुपति सिंघानिया ने दी थी नई ऊंचाई…

देश के कोने-कोने तक जेके सीमेंट को पहुंचाने का श्रेय यदुपति सिंघानिया को ही दिया जाता है। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी वाइट सीमेंट उत्पादक कंपनी के मुखिया के तौर पर काम करने वाले यदुपति सिंघानिया ने आईआईटी कानपुर से टेक्नोलॉजी में बैचलर डिग्री हासिल की थी। इसके बाद वह फैमिली बिजनेस से जुड़ गए थे। यदुपति ने अपने करियर की शुरुआत कंपनी के सीमेंट और कॉटन डिविजन से की थी, लेकिन दूरदर्शी यदुपति ने यह जान लिया था कि तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था में सीमेंट एक बड़ा कारोबार बन सकता है।

इसके बाद उन्होंने सीमेंट प्लांट्स की संख्या को बढ़ाने पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने भारत समेत दुनिया भर में कई जगहों पर जाकर सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर जाकर काम देखा। वहां नई तकनीक को समझा और फिर प्लांट्स की संख्या को बढ़ाने का काम किया। यदुपति सिंघानिया को देश के उन कारोबारियों में शुमार किया जाता था, जिन्हें खुद भी बिजनेस से लेकर तकनीक तक की पूरी जानकारी थी।

यदुपति सिंघानिया ने जेके सीमेंट को संकट के दौर से उबारते हुए वाइट सीमेंट के मामले में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी के तौर पर स्थापित कर दिया। उन्होंने 2004 में जेके सीमेंट के सीईओ का प्रभार संभाला था। तब से जेके सीमेंट लगातार बुलंदियों को छू रही थी। करीब दो वर्ष पहले कुशल नेतृत्व क्षमता के लिए उन्हें बेस्ट सीईओ के अवार्ड से भी नवाजा गया था। कानपुर के बड़े औद्योगिक घरानों में शुमार किए जाने वाले जेके सीमेंट समूह के मुखिया के निधन से देश के कारोबारी जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

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