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अगले कुछ दिनों में खत्म हो सकती है जौहरियों की हड़ताल

जौहरी व आभूषण निर्माता गैर चांदी आभूषणों पर एक फीसद उत्पाद शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ करीब छह सप्ताह से हड़ताल पर हैं।

Author नई दिल्ली | April 13, 2016 12:27 AM
एक फीसद उत्पाद शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ बंद दुकानें। (पीटीआई फाइल फोटो)

उद्योग मंडल एसोचैम की रत्न व आभूषण पर राष्ट्रीय परिषद के चेयरमैन शंकर सेन ने मंगलवार को कहा कि जौहरी अपनी महीने भर पुरानी हड़ताल आने वाले कुछ दिनों में पूरी तरह समाप्त कर सकते हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि अशोक लाहिड़ी समिति उनकी सभी मांगों पर विचार करेगी। सेन ने यहां परिषद की एक बैठक में कहा- करीब 60 फीसद जौहरियों ने अपनी हड़ताल पहले ही समाप्त कर दी है। सरकार भी सहयोग कर रही है, उसने अशोक लाहिड़ी समिति गठित की है और जौहरियों को आश्वासन दिया है कि यह समिति उद्योग की सभी मांगों पर विचार करेगी। मेरी राय में एक दो दिन में जौहरी अपनी हड़ताल समाप्त करेंगे। उल्लेखनीय है कि जौहरी व आभूषण निर्माता गैर चांदी आभूषणों पर एक फीसद उत्पाद शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ करीब छह सप्ताह से हड़ताल पर हैं। देश में जौहरियों व सर्राफा व्यापारियों के एक बड़े हिस्से ने मंगलवार (12 अप्रैल) को  अपनी दुकानें फिर खोल लीं।

सरकार ने जौहरियों के मुद्दों पर ध्यान देने और शुल्क के प्रक्रियात्मक पहलू पर विचार के लिए पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिड़ी की अध्यक्षता में समिति गठित की है। बजट में गैर चांदी के आभूषणों पर एक फीसद का उत्पाद शुल्क लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ जौहरी व आभूषण विक्रेता दो मार्च से हड़ताल पर हैं।

इस बीच एक अन्य खबर के मुताबिक छह हफ्ते तक हड़ताल पर रहने के बाद मंगलवार को सर्राफा कारोबारियों के एक बड़े वर्ग ने अपनी दुकानें खोल लीं। राष्ट्रीय राजधानी और मुंबई में जहां कुछ आभूषण की दुकानों व शोरूम में सामान्य कामकाज होता दिखा, वहीं अन्य मंगलवार को भी बंद रहीं। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के आभूषण शोरूम भी खुले रहे।

राजस्थान सर्राफा संघ के अध्यक्ष सुभाष मित्तल ने कहा- सरकार के इस आश्वासन कि वह उत्पाद शुल्क के क्रियान्वयन को सरल करेगी, सर्राफा कारोबारियों व कारीगरों ने अपनी दुकानें खोल लीं। अगर मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो राज्य के सर्राफा कारोबारी फिर हड़ताल पर चले जाएंगे।

इस बीच, महाराष्ट्र के सर्राफा कारोबारियों ने 14 से 24 अप्रैल तक अस्थायी रूप से अपनी हड़ताल वापस ले ली है। महाराष्ट्र राज्य सर्राफ स्वर्णकार फेडरेशन के अध्यक्ष फतेहचंद रंका ने कहा- हम आज अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मिल रहे हैं। हमारी मांगों में उत्पाद शुल्क के बजाय एक फीसद वैट का अतिरिक्त भुगतान करना शामिल है।

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