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इकॉनमी क्‍लास के पैसेंजर्स को मुफ्त खाना नहीं देगा जेट एयरवेज, ये है वजह

नकदी समस्या से जूझ रही जेट एयरवेज ने एकोनॉमी श्रेणी के अंतर्गत दो और किराया श्रेणियों में घरेलू मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को मुफ्त भोजन देने की योजना समाप्त करने का फैसला किया है।

Author December 4, 2018 10:00 AM
प्रतीकात्मक चित्र

नकदी समस्या से जूझ रही जेट एयरवेज ने एकोनॉमी श्रेणी के अंतर्गत दो और किराया श्रेणियों में घरेलू मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को मुफ्त भोजन देने की योजना समाप्त करने का फैसला किया है। यह एयरलाइन लागत में कमी के लिये ऐसे कदम उठा रही है। जेट एयरवेज ने सोमवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि यह संशोधन 21 दिसंबर से बुक होने वाले टिकट और सात जनवरी से होने वाली यात्रा पर लागू होगा। एयरलाइन घरेलू मार्गों पर उड़ानों के लिये यात्रियों को एकोनॉमी श्रेणी में फिलहाल किराये के पांच विकल्प…‘लाइट, डील, सेवर, क्लासिक’ और ‘फ्लेक्स’ देती है।

जेट एयरवेज के अनुसार कि अब ‘लाइट’ और ‘डील’ श्रेणियों के अलावा जेट एयरवेज एकोनॉमी श्रेणी के तहत दो और श्रेणियों ‘सेवर’ और ‘क्लासिक’ में मुफ्त भोजन नहीं मिलेगा।  इस समीक्षा के बाद सम्मनार्थ भोजन एकोनॉमी श्रेणी के केवल उन यात्रियों के लिये उपलब्ध होगी जिन्होंने ‘फ्लेक्स’ विकल्प के तहत टिकट बुक कराया है। फिलहाल सेवर और क्लासिक श्रेणी के 21 दिसंबर से पहले खरीदे गए टिकटों पर कंपनी मुफ्त भोजन की सेवा जारी रखेगी।

बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने जेट एयरवेज को किसी भी तरह की वित्तीय बेलआउट या छूट प्रदान करने की संभावना को खारिज कर दिया था और कहा था कि यह कंपनी के प्रबंधन का विशेषाधिकार है कि वह विमानन कंपनी का सहज संचालन सुनिश्चित करने के लिए नीतियों को लागू करें। नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु के अनुसार, सरकार मौजूदा नियंत्रण मुक्त नीति के माहौल में क्षेत्र-विशिष्ट मुद्दों की ओर देख रही है।

प्रभु ‘एयरसेवा 2.0 वेब पोर्टल और मोबाइल एप’ के उन्नत संस्करण के लांच के मौके पर एयरलाइन को संभावित बेलआउट पैकेज देने के सवाल पर जवाब दे रहे थे। इसके अलावा, नागर विमानन सचिव आर.एन. चौबे ने कहा कि विमानन कंपनी हवाईअड्डा संचालकों के शुल्कों को चुकाने के लिए कुछ समय चाहती है।

चौबे ने हालांकि कहा कि मामले को विमानन कंपनी और विमान संचालकों को आपस में सुलझाना चाहिए और मंत्रालय की इन वाणिज्यिक लेन-देन में कोई भूमिका नहीं है। विमानन कंपनी मौजूदा समय में ब्रेंट ईंधनों में बढ़ोत्तरी, कमजोर रुपये और उच्च ईंधन मूल्यों व कम किरायों के बीच असंतुलन की वजह से वित्तीय समस्याओं का सामना कर रही है।

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