ताज़ा खबर
 

जीएसटी परिषद ने कर दरों को 5, 12, 18 और 28 फीसद रखने का किया फैसला

बैठकों में विभिन्न करों के लिए विभिन्न उत्पादों एवं सेवाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि एक जुलाई से सबसे बड़े कर सुधार को लागू किया जा सके।

Author नई दिल्ली | Published on: April 17, 2017 7:14 AM
प्रतीकात्मक फोटो। (फाइल) (express Photo)

केंद्र एवं राज्य सरकारों के कर अधिकारी एक जुलाई से लागू होने वाली वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में विभिन्न सेवाओं पर लगाए जाने वाली कर की दरों के लिए फार्मूला तय करने को लेकर इस सप्ताह अपनी पहली बैठक करेंगे।  एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जीएसटी परिषद चार स्तरीय कर ढांचा तय कर चुकी है जिसमें कर की दरों को 5, 12, 18 और 28 फीसद रखने का निर्णय किया गया है। परिषद की कर निर्धारण (फिटमेंट) समिति सुझाव देगी कि किसी सेवा को किस स्तर की जीएसटी दर के साथ रखा जाए।  समिति को ऐसा करते हुए यह देखना है कि जीएसटी के चलते महंगाई न बढ़े। जीएसटी परिषद की 18-19 मई को होने वाली बैठक से पहले निर्धारण समिति की और बैठकें भी हो सकती है। बैठकों में विभिन्न करों के लिए विभिन्न उत्पादों एवं सेवाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि एक जुलाई से सबसे बड़े कर सुधार को लागू किया जा सके।

अधिकारी ने कहा, ‘निर्धारण समिति सेवाओं पर कर की दरों पर निर्णय करेगी। चूंकि मौजूदा व्यवस्था के तहत फिलहाल सेवा कर के निर्धारण की शक्ति केंद्र के पास है, ऐसे में सेवाओं पर कर का निर्धारण आसान काम होगा।’ उन्होंने कहा कि ज्यादातर सेवाओं जहां वैट और सेवा कर दोनों लगाया जाता है, वह 18 फीसद की मानक दर के अनुकूल होगा जबकि जहां केवल 12.5 फीसद ही वैट लगता है, उसे 12 फीसद पर लाया जाएगा। साथ ही परिवहन एवं लाजिस्टिक कंपनियों की सेवाओं पर 12 फीसद कर उपयुक्त होगा जबकि जो सेवाएं 9 फीसद के दायरे में आती हैं, वह 12 फीसद के लिए उपयुक्त हो सकती हैं। अधिकारी ने कहा कि कर की दरों का निर्धारण इस रूप में किया जाएगा जिससे मुद्रास्फीति पर उनके प्रभाव को तटस्थ रखने के साथ सरकार का राजस्व भी प्रभावित नहीं हो। सेवाओं पर कर का निर्धारण होने के बाद निर्धारण समिति की करीब एक पखवाड़े बाद फिर बैठक होगी जिसमें वस्तुओं पर लगने वाले कर के बारे में फैसला किया जाएगा।

समिति की पूरी रिपोर्ट को जीएसटी परिषद की श्रीनगर में 18-19 मई को होने वाली बैठक में रखा जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद मई बैठक में कर की दरों पर चर्चा करेगी और अंतिम निर्णय जून तक किया जाएगा। परिषद में राज्यों के प्रतिनिधि इसके सदस्य हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत केंद्र के पास वस्तुओं के उत्पादन (मानव उपयोग के लिए शराब, अफीम और नशीले पदार्थों को छोड़कर) पर कर लगाने का अधिकार है जबकि राज्यों के पास वस्तुओं की बिक्री पर शुल्क लगाने का अधिकार है।

 

अरविंद केजरीवाल के खिलाफ जारी हुआ जमानती वारंट; पीएम मोदी की शैक्षणिक योग्यता पर की थी टिप्पणी

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 ईपीएफ पर 8.65 फीसद ब्याज को मंजूरी
2 D-MART के नेविल नोरोन्हा बने देश के सबसे अमीर CEO, शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद हुआ संपत्ति में इजाफा
3 वित्त मंत्रालय ने EPFO पर 8.65 प्रतिशत ब्याज को दी मंजूरी