ताज़ा खबर
 

क्या सचमुच दुनिया के आठ लोगों के पास है आधी दुनिया जितनी दौलत?

ऑक्सफैम की “एन इकोनॉमी फॉर द 99 पर्सेंट” रिपोर्ट के अनुसार भारत के शीर्ष एक प्रतिशत अमीरों के पास देश की 58 प्रतिशत दौलत है।

(बाएं से) माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स, वारेन बफे और अमेजन के संस्थापक व सीईओ जेफ बेजोस।(REUTERS/File Photos)

गैर-सरकारी समाजसेवी संगठन ऑक्सफेम की रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो रहे हैं जिसमें दावा किया गया है कि विश्व के सबसे अमीर आठ लोगों के पास दुनिया की आधी आबादी के बराबर दौलत है। अंतरराष्ट्रीय एनजीओ ऑक्सफेम के आंकड़ों और उन्हें इकट्ठा करने के तरीके पर भी अंगुली उठ रही है। “एन इकोनॉमी फॉर द 99 पर्सेंट” रिपोर्ट के अनुसार भारत के शीर्ष एक प्रतिशत अमीरों के पास देश की 58 प्रतिशत दौलत है। ऑक्सफेम ने ये रिपोर्ट वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की सालाना बैठक से पहले जारी की है। संस्था कई सालों से ऐसी रिपोर्ट प्रकाशित करती आ रही है।

समाचार विश्लेषण वेबसाइट द कनवर्सेशन के अनुसार ऑक्सफेम दुनिया के अमीर लोगों की दौलत को फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची के आधार पर आंकता है। वहीं दुनिया के सबसे गरीब लोगों का आंकड़ा संस्था क्रेडिट सुइस ग्लोबल वेल्थ रिपोर्ट से लेती है। किसी की संपत्ति की गणना उसकी कुल चल-अचल संपत्ति में से उसके द्वारा लिए गए कर्ज को घटाकर की जाती है। फोर्ब्स पत्रिका खोजी पत्रकारिता के जरिए अरबपतियों की सूची बनाती है। जबकि क्रेडिट सुइस अपनी रिपोर्ट संपत्ति वितरण के जाने-माने विशेषज्ञ एंथनी शॉरोक्स के नेतृत्व वाली शोध टीम तैयार करती है।

HOT DEALS
  • Moto Z2 Play 64 GB Fine Gold
    ₹ 15868 MRP ₹ 29499 -46%
    ₹2300 Cashback
  • Apple iPhone SE 32 GB Gold
    ₹ 25000 MRP ₹ 26000 -4%
    ₹0 Cashback

फोर्ब्स के अनुसार दुनिया के आठ सबसे अमीर लोगों की संपत्ति 75 अरब डॉलर (बिल गेट्स) से 40 अरब डॉलर (माइकल ब्लूमबर्ग) है। इन आठ लोगों की कुल संपत्ति करीब 426.2 अरब डॉलर है। क्रेडिट सुइस के अनुसार संपत्ति के मामले में दुनिया के नीचे से आधी आबादी की कुल दौलत करीब 410 अरब डॉलर (दुनिया की कुल दौलत का करीब 0.16 प्रतिशत) है।

इसमें कोई शक नहीं कि क्रेडिट सुइस दुनिया की दौलत के मामले में सबसे प्रतिष्ठित स्रोत है लेकिन संस्था के डाटा में कुछ तकनीकी जटिलताएं भी हैं। द कनवर्सेशन के अनुसार क्रेडिट सुइस के पास दुनिया के 55 प्रतिशत आबादी के आंकड़े हैं जिनके पास करीब विश्व की कुल संपत्ति का 88 प्रतिशत दौलत है। दुनिया की अन्य 10 प्रतिशत आबादी के बारे में क्रेडिट सुइस के पास अपूर्ण आंकड़े हैं। दुनिया की बाकी बची 35 आबादी जिसके पास दुनिया की पांच प्रतिशत से भी कम संपत्ति है उसकी दौलत के बारे में आंकड़े विभिन्न स्रोतों से जुटाए जाते हैं।

आर्थिक जानकार दो आधार पर क्रेडिट सुइस के आंकड़ों की आलोचना करते रहे हैं। क्रेडिट सुइस कर्ज को घटाकर संपत्ति का आकलन करती है। इस वजह से दुनिया के सबसे गरीब एक प्रतिशत की दौलत नकारात्मक (कर्ज) होती है। इन लोगों में वो छात्र भी शामिल होते हैं जिन पर कर्ज होता है लेकिन पढ़ाई को बाद उन्हें अच्छी तनख्वाह वाली नौकरियां मिल सकती हैं। या ऐसे लोग जिन्होंने हाल ही में घर खरीदा हो और उनकी संपत्ति उनके द्वारा लिए गए कर्ज से कम हो? तो क्या ऐसे लोगों को कर्ज में डूबा हुआ माना जा सकता है?

अगर हम दुनिया की कुल आबादी के 50 प्रतिशत सबसे गरीब लोगों द्वारा लिए गए कर्ज को मिलाकर देखें तो सबसे गरीब 50 प्रतिशत आबादी की कुल दौलत 400 अरब डॉलर से बढ़कर 15 खरब डॉलर हो जाएगी। इस तरह ये राशि दुनिया के आठ नहीं बल्कि 56 शीर्ष अमीरों की कुल संपत्ति के बराबर होगी। अगर ऑक्सफैम के आठ लोगों के पास आधी आबादी के बराबर दौलत होने के दावे को अतिश्योक्ति मान लिया जाए तो भी संपत्ति के बंटवारे में भयावह गैर-बराबरी ही दिखती है।

क्रेडिट सुइस दूसरों देशों के लोगों की संपत्ति के आकलन के लिए अमेरिकी डॉलर की तुलना में उस देश की मुद्रा के विनिमय दर के आधार पर आंकती हैं। मसलन डॉलर के मुकाबले रुपये का विनिमय मूल्य बदलता रहता है। ऐसे में इस आधार पर आंकी गयी संपत्ति के आंकड़े को निर्विवाद नहीं माना जा सकता है।

वीडियो: प्रियंका चोपड़ा फोर्ब्स मैगज़ीन की दुनिया की सबसे ज़्यादा पैसा कमाने वाली लिस्ट में 8वें नंबर पर

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App