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Indian Railway: रेलवे कमा ही नहीं पा रहा, 100 रुपये का राजस्‍व जुटाने पर खर्च हो रहे 111

IRCTC, India Railway: रेलवे ने 2018 के बजट में माल ढुलाई से अप्रैल से जुलाई के बीच 39, 253.41 करोड़ रुपए कमाने का टारगेट रखा था, यह भी 36,480.41 करोड़ रुपए का आकड़ा ही छू सका।

तस्वीर का प्रयोग प्रतीक के तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

क्या आपको पता है कि अप्रैल से जुलाई के बीच रेलवे को 100 रुपए कमाने के लिए कितने रुपए खर्च करने पडे़ हैं। अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं, अप्रैल से जुलाई के बीच रेलवे ने 111.51 प्रतिशत का ऑपरेटिंग अनुपात निर्धारित किया, इसका अर्थ है कि उसने 100 रुपए कमाने के लिए 111.51 खर्च किए। निर्धारित टारगेट के विपरीत ट्रैफिक में कम बढ़ोतरी, पेंशन और कामकाजी खर्च में बढ़ोतरी के कारण ऐसा हुआ है। ऑपरेटिंग अनुपात परिचालन क्षमता का एक पैमाना है जो राजस्व के अनुपात के रूप में व्यय को मापता है। यह किसी ऑर्गेनाइजेशन के ओपरेटिंग खर्च और ओपरेटिंग रिवेन्यू को डिवाइड करता है और इसके बाद ऑर्गेनाइजेशन की पर्फोर्मेंश का पता चलता है।

रेलवे की ज्यादा ऑपरेटिगं कॉस्ट का मतलब है कि इससे कमाई नहीं हो रही है, अगर कमाई नहीं हो रही है तो राजस्व भी नहीं बढ़ रहा है। अगर राजस्व नहीं बढ़ेगा तो नई लाइन बिछाने और नए कोच बनाने जैसे काम करने में दिक्कतें आएंगी। रेलवे को लोगों और माल ढुलाई में परिवहन के अन्य तरीकों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना है। रेलवे के फाइनेंस विंग द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के मुताबिक, रेलवे का पहले चार महीने में पैसेंजर्स से 17,736.09 करोड़ रुपये कमाने का टारगेट था, लेकिन यह 17,273.37 करोड़ रुपये पर ही आकर रुक गया।

रेलवे ने 2018 के बजट में माल ढुलाई से अप्रैल से जुलाई के बीच 39, 253.41 करोड़ रुपए कमाने का टारगेट रखा था, यह भी 36,480.41 करोड़ रुपए का आकड़ा ही छू सका। अप्रैल से जुलाई के बीच रेलवे का कुल कमाई का टारगेट 61,902.51 करोड़ रुपए का था, लेकिन रेलवे  56,717.84 करोड़ के आंकड़े तक ही पहुंच सकी। अप्रैल से जुलाई के बीच रेलवे ने बजट में खर्च का टारगेट 50,487.36 करोड़ रुपए का रखा था, लेकिन खर्च 52,517.71 करोड़ रुपए पहुंच गया। रेलवे के अधिकारी के मुताबिक, कामकाजी खर्चों के अलावा, ऐसे अन्य खर्च भी हैं जो ऑपरेटिंग रेशियो के टारगेट को बढ़ा रहे हैं।

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