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वित्त वर्ष में कोई बदलाव नहीं, 30 जून तक के निवेश को इस साल के इनकम टैक्स रिटर्न में कर सकते हैं क्लेम, जानें- जरूरी बातें

वित्त वर्ष 2019-20 के टैक्स में बचत के लिए आपके पास इस साल 30 जून तक का मौका होगा। सरकार ने टैक्स सेविंग स्कीम्स में इन्वेस्टमेंट की तारीख को 30 जून, 2020 तक के लिए बढ़ा दिया है।

income tax30 जून तक के निवेश पर उठा सकते हैं टैक्स छूट का फायदा

वित्त वर्ष 2019-20 के टैक्स में बचत के लिए आपके पास इस साल 30 जून तक का मौका होगा। सरकार ने टैक्स सेविंग स्कीम्स में इन्वेस्टमेंट की तारीख को 30 जून, 2020 तक के लिए बढ़ा दिया है। इसका अर्थ यह हुआ कि आप 30 जून तक भी कोई निवेश करते हैं तो इनकम टैक्स रिटर्न में आयकर विभाग उसे फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के दायरे में मानेगा। इससे पहले इन्वेस्टमेंट स्कीम्स में निवेश के लिए आखिरी तारीख 31 मार्च ही थी। हालांकि इस बीच सरकार ने उन अफवाहों को खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि मोदी सरकार की ओर से वित्त वर्ष को भी बढ़ाने की योजना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘नोटिस जारी करने, नोटिफिकेशन, आईटीआऱ भरने, विवाद से विश्वास कानून, इनकम टैक्स ऐक्ट के तहत कैपिटल गेन्स के लाभ के लिए तारीख को 30 जून तक बढ़ाया गया है। लेकिन वित्त वर्ष में कोई भी बदलाव नहीं है। फाइनेंशियल ईयर 2019-20 हर वर्ष की तरह ही इस साल भी 31 मार्च को ही समाप्त हो रहा है।’

बता दें कि सरकार ने कोरोना संकट से निपटने के लिए कुछ ऐलान किए थे, इनमें कर्मचारी वर्ग को राहत देते हुए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख को 30 जून तक बढ़ाने की बात शामिल थी। हालांकि उसके बाद से ही इन्वेस्टमेंट स्कीम्स में निवेश को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी, जिस पर सरकार अब स्पष्टता से बात रखते हुए कहा है कि टैक्सपेयर्स की ओर से निवेश की तारीख को भी 30 जून तक बढ़ाया जाता है और उसे इस साल के आईटीआर में ही जोड़ा जाएगा।

जानें, सरकार ने दूर किए हैं ये भ्रम…

फाइनेंशियल ईयर 2019-20 को 30 जून तक नहीं बढ़ाया जा रहा है, सिर्फ कुछ चीजों के लिए ही यह डेट बढ़ी है।

फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लेट और रिवाइज्ड रिटर्न्स को 30 जून तक भरा जा सकता है।

वित्त वर्ष 2019-20 में सिर्फ 31 मार्च तक की आय ही टैक्सेबल होगी।

30 जून, 2020 तक के निवेश को आईटी ऐक्ट के सेक्शन 80C और 80D के तहत क्लेम किया जा सकता है।

नई एवं पुरानी एलआईसी स्कीम में निवेश, मेडिक्लेम, पीपीएफ, एनपीएस जैसी योजनाओं में 30 जून तक किया गया इन्वेस्टमेंट फाइनेंशियल ईयर 2019-20 में क्लेम किया जा सकता है।

इसके अलावा होम लोन पर 31 मार्च तक अदा किए गए ब्याज पर ही टैक्स छूट मिलेगी। हालांकि 31 मार्च तक भरी जाने वाली किस्त यदि आप 30 जून को भरते हैं, तब भी उस पर आप क्लेम कर सकते हैं।

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