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वरिष्ठ नागरिक कल्याण फंड की ब्याज दर में बड़ी कटौती, 7.9 पर्सेंट की बजाय 6.85 फीसदी हुआ इंटरेस्ट

फाइनेंस एक्ट, 2015 के तहत सीनियर सिटिजंस वेलफेयर फंड की स्थापना की गई थी। इसकी स्थापना इसलिए की गई थी ताकि बुजुर्गों से संबंधित तमाम योजनाओं को उनके हित में इस्तेमाल किया जा सके।

Author Edited By सूर्य प्रकाश नई दिल्ली | Published on: March 20, 2020 5:43 PM
वरिष्ठ नागरिक कल्याण फंड के ब्याज में कटौती

मंदी की मार देश के बुजुर्गों पर भी पड़ रही है। सरकार ने सीनियर सिटिजंस वेलफेयर फंड में जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज की दर को घटाकर 7.9 फीसदी से 6.85 कर दिया है। 1 अप्रैल, 2019 से 31 मार्च, 2020 तक जमा राशि पर यह फैसला लागू होगा। इससे पहले 1 अप्रैल, 2018 से 31 मार्च, 2019 तक के लिए ब्याज की दर 7.9 फीसदी थी। सीनियर सिटिजंस वेलफेयर फंड रूल्स, 2016 की अधिसूचना 2016 में जारी की गई थी और सभी संस्थानों से कहा गया था कि वह किसी भी तरह के अनक्लेम्ड अमाउंट को इस फंड में ट्रांसफर करें।

फाइनेंस एक्ट, 2015 के तहत सीनियर सिटिजंस वेलफेयर फंड की स्थापना की गई थी। इसकी स्थापना इसलिए की गई थी ताकि बुजुर्गों से संबंधित तमाम योजनाओं को उनके हित में इस्तेमाल किया जा सके। छोटी बचत योजनाओं, एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड, पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीमों और जीवन और गैर-जीवन बीमा योजनाओं, कोल माइंड प्रोविडेंट फंड को सीनियर सिटिजंस के वेलफेयर फंड में शामिल किया गया था। दिसंबर, 2019 में इस निधि में 410 करोड़ रुपये की राशि जमा थी।

केंद्र सरकार ने साल 2015 के वित्तीय अधिनियम के तहत वरिष्ठ नागिरक कल्याण कोष अधिनियन, 2015, लागू कर यह कोष बनाया था। इस कोष को बुजुर्ग लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर खर्च किया जाता है। इस फंड में पोस्ट ऑफिस सेविंग्स स्कीम्स, सेविंग अकाउंट्स, सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम अकाउंट्स और किसान विकास पत्र जैसी योजना के अनक्लेम्ड अमाउंट को डाला गया था। हालांकि इस स्कीम में वही अनक्लेम्ड अमाउंट ट्रांसफर किया गया है, जिस पर बीते 10 सालों में किसी ने दावा न किया हो।

गौरतलब है कि एक मीडिया रिपोर्ट्स में कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज में भी एक बार फिर से कटौती की आशंका जताई गई है। ईपीएफओ ने 6 मार्च को ही पीएफ अकाउंट्स पर सालाना 8.5 पर्सेंट की ब्याज देने का ऐलान किया था। हालांकि अब शेयर मार्केट के बुरी तरह से टूटने के चलते इसमें 0.35 पर्सेंट की कमी का अनुमान लगाया जा रहा है।

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