रतन टाटा ने लगाया इस कंपनी पर दांव, दो महीने के भीतर दूसरा बड़ा निवेश

रतन टाटा ने प्रौद्योगिकी आधारित मेलरूम लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी मेलिट में निवेश किया है। हालांकि, टाटा ने कंपनी में कितना निवेश किया है इसका खुलासा नहीं किया गया।

ratan tata, tata groupरतन टाटा छोटी-छोटी कंपनियों या स्टार्टअप्स में भी निवेश के लिए जाने जाते हैं। (Photo-Indian Express )

Industrialist Ratan Tata, Mailit Technology Invest:  देश के चर्चित कारोबारी रतन टाटा छोटी-छोटी कंपनियों या स्टार्टअप्स में भी निवेश के लिए जाने जाते हैं। इसी के तहत दो महीने के भीतर रतन टाटा ने दो कंपनियों के भीतर निवेश किया है। बीते मार्च महीने में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सक्रिय प्रीतिश नंदी कम्युनिकेशंस में जाने माने उद्योगपति रतन टाटा ने दांव लगाया था।

अब रतन टाटा ने प्रौद्योगिकी आधारित मेलरूम लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी मेलिट में निवेश किया है। हालांकि, टाटा ने कंपनी में कितना निवेश किया है इसका खुलासा नहीं किया गया है। मेलिट ने कहा है कि उसकी देशभर में अगले पांच साल में 500 मेलरूम शुरू करने के अलावा भंडारगृह और वितरण केंद्र स्थापित करने की योजना है।

मेलिट देश की प्रमुख कंपनियों के अलावा टाटा समूह की कई बड़ी कंपनियों को कूरियर, कार्गो, 3पीएल, मेलरूम प्रबंधन डिजिटल समाधान और डाक सेवाएं उपलब्ध कराती है। (ये पढ़ें-कर्ज देती थी अनिल अंबानी की ये दो कंपनियां, फिर कारोबार समेटने की आ गई नौबत)

कहां करते हैं रतन टाटा निवेश: रतन टाटा छोटी स्टार्टअप कंपनियों में निवेश करते रहे हैं। सबसे पहले साल 2014 में एल्टिरोज एनर्जी में निवेश से शुरुआत की थी। इसके बाद टाटा ने अर्बनक्लैप, लेंसकार्ट, अब्रा, डॉगस्पॉट, पेटीएम, ओला, फर्स्टक्राइ, लाइब्रेट, होलाशेफ, कार देखो, जेनरिक आधार, ग्रामीण कैपिटल, स्नैपडील, ब्लू स्टोन, अर्बन लैडर, जिवामे, कैशकरो जैसी कंपनियों में भी निवेश किया।

एक इंटरव्यू में रतन टाटा ने कहा था कि मैं उन कंपनियों में निवेश करने का इच्छुक हूं, जिनमें विविधता हो। रतन टाटा ने उन कंपनियों को तरजीह दी जो आम आदमी से जुड़ी हैं और ऐसे उपक्रमों में जो स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और इंटरनेट के प्रसार से जुड़े हैं।

ऑक्सीजन के लिए कर रहे हैं ये कामः आपको बता दें कि टाटा ग्रुप ने कोरोना की वजह से ऑक्सीजन की किल्लत में मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। टाटा ग्रुप लिक्विड ऑक्सीजन ले जाने के लिए 24 क्रायोजेनिक कंटेनरों का आयात करेगा और साथ ही देश में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने में मदद करेगा।

इससे पहले भी टाटा ग्रुप ने कोरोना से लड़ने में मदद का हाथ बढ़ाया है। पिछले साल टाटा समूह ने वेंटिलेटर, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट, मास्क, दस्ताने और परीक्षण किट का इंतजाम किया था। (ये पढ़ें-अडानी संभाल रहे हैं अंबानी का कारोबार)

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