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चार महीने के न्‍यूनतम स्‍तर पर पहुंची औद्योगिक वृद्धि दर, सितंबर में 4.5 प्रतिशत

बिजली उत्पादन की वृद्धि भी सुधरकर सितंबर महीने में 8.2 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी महीने 3.4 प्रतिशत थी। आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-सितंबर 2018 के दौरान आईआईपी वृद्धि दर 5.1 प्रतिशत रही।

Author November 12, 2018 9:32 PM
भारतीय जनता पार्टी की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह। (File Photo : PTI)

औद्योगिक उत्पादन में सितंबर महीने में 4.5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गयी जो चार महीने में इसका न्यूनतम स्तर है। मुख्य रूप से खनन क्षेत्र के खराब प्रदर्शन तथा पूंजीगत सामान के कमजोर उठाव से औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर पर असर पड़ा। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार औद्योगिक वृद्धि सितंबर 2017 में 4.1 प्रतिशत थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़े के अनुसार इस साल अगस्त महीने में औद्योगिकी उत्पादन वृद्धि के आंकड़े को संशोधित कर 4.6 प्रतिशत किया गया है। प्रारंभिक आंकड़ों में इसे 4.3 प्रतिशत बताया गया था।

इस साल जून और जुलाई में आईआईपी में वृद्धि क्रमश: 6.9 प्रतिशत तथा 6.5 प्रतिशत थी। इससे पहले इस साल मई में औद्योगिक उत्पादन में 3.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। खनन क्षेत्र में उत्पादन में सितंबर में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आयी जबकि एक साल पहले इसी महीने में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इसी प्रकार, आलोच्य महीने में पूंजीगत वस्तुओं की उत्पादन वृद्धि धीमी हो कर 5.8 प्रतिशत रही। पिछले साल इसी माह इस क्षेत्र की वृद्धि 8.7 प्रतिशत थी। हालांकि विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर सितंबर महीने में 4.6 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी महीने 3.8 प्रतिशत थी।

बिजली उत्पादन की वृद्धि भी सुधरकर सितंबर महीने में 8.2 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी महीने 3.4 प्रतिशत थी। आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-सितंबर 2018 के दौरान आईआईपी वृद्धि दर 5.1 प्रतिशत रही। इससे पूर्व वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 2.6 प्रतिशत थी। उपयोग आधारित वर्गीकरण के तहत सितंबर 2018 में प्राथमिक वस्तुओं का उत्पादन करने वाले उद्योगों की वृद्धि दर सालाना आधार पर 2.6 प्रतिशत रही।

वहीं मध्यवर्ती वस्तु क्षेत्र ने 1.4 प्रतिशत तथा बुनियादी ढांचा/निर्माण वस्तुओं ने 9.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इसी दौरान टिकाऊ उपभोक्त सामान और गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्रों की वृद्धि दर क्रमश: 5.2 प्रतिशत और 6.1 प्रतिशत रही। उद्योग के संदर्भ में विनिर्माण क्षेत्र के 23 औद्योगिक समूह में से 17 में पिछले साल की तुलना में उत्पादन में बढोतरी रही।

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