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यस बैंक के चलते इंड्सइंड बैंक पर भी संकट? कुछ ही दिनों में 38 पर्सेंट गिरे शेयर, डिपॉजिट में कमी की आशंका

Indusind bank shares fall: इंड्सइंड बैंक के शेयर में बीते 7 कारोबारी सत्रों में ही 38 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। यही नहीं इस साल की शुरुआत से अब तक का आंकड़ा देखें तो यह शेयर 56 फीसदी नीचे आ चुका है।

yes bankयस बैंक का इंड्सइंड बैंक पर भी दिख रहा असर

यस बैंक के संकट में घिरने का असर प्राइवेट सेक्टर के एक अन्य इंड्सइंड बैंक पर भी देखने को मिल रहा है। शेयर बाजार में इंड्सइंड बैंक का स्टॉक लगातार गिरावट के दौर में है। एक समय पर शेयर मार्केट के मजबूत प्लेयर माने जाने वाले इंड्सइंड बैंक के शेयर में बीते 7 कारोबारी सत्रों में ही 38 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। यही नहीं इस साल की शुरुआत से अब तक का आंकड़ा देखें तो यह शेयर 56 फीसदी नीचे आ चुका है। शेयर मार्केट के जानकारों का कहना है कि इंड्सइंड बैंक के शेयरों में गिरावट की वजह यस बैंक का संकट में घिरना है। इसके अलावा कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मार्केट में आई सुस्ती भी एक वजह है।

दरअसल यस बैंक के संकट में घिरने के बाद से ही यह चर्चाएं चल रही हैं कि छोटे प्राइवेट बैंकों से लोग अपनी जमापूंजी निकाल सकते हैं। मार्केट के एक विश्लेषक ने कहा कि आने वाले दिनों में छोटे निजी बैंकों की डिपॉजिट ग्रोथ में गिरावट देखने को मिल सकती है। आने वाली कुछ तिमाहियों में इंड्सइंड बैंक के भी डिपॉजिट में कमी आ सकती है। बैंक के कुल डिपॉजिट में 40 पर्सेंट हिस्सेदारी छोटी सेविंग डिपॉजिट्स की है।

हालांकि इस स्थिति से निपटने के लिए बैंक के प्रमोटर हिंदुजा ग्रुप ने रिजर्व बैंक से बैंक में अपनी हिस्सेदारी 26 पर्सेंट तक करने की मांग की है। फिलहाल प्रमोटर की हिस्सेदारी 15 फीसदी रहने का ही नियम है। माना जा रहा है कि हिंदुजा ग्रुप की हिस्सेदारी बढ़ने के बाद बैंक में निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। दरअसल बैंक को लेकर निवेशकों में चिंता शायद इसलिए भी देखने को मिल रही है क्योंकि बैड लोन का प्रतिशत कुल पूंजी के 2.18 पर्सेंट के बराबर हो गया है, जो दो साल पहले तक महज 1.08 पर्सेंट ही था।

आर्थिक सुस्ती और कोरोना वायरस का कहर इस तिमाही में मध्यम एवं लघु उद्योगों पर देखने को मिला है। ऐसे में आने वाले दिनों में इंड्सइंड बैंक के एनपीए में और इजाफा देखने को मिल सकता है। बैंक की लोन बुक का करीब 21 फीसदी हिस्सा छोटे एवं सीमांत उद्योगों पर ही है।

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