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देश में बेरोजगारी बढ़ी, 2015-16 में पांच साल के उच्च स्तर पर

केंद्र सरकार के रोजगार सृजन पर जोर के बावजूद देश में बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है।

Author नई दिल्ली | September 30, 2016 5:05 AM
(Express Photo)

केंद्र सरकार के रोजगार सृजन पर जोर के बावजूद देश में बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है।श्रम ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार देश की बेरोजगारी दर 2015-16 में पांच फीसद पर पहुंच गई, जो पांच साल का उच्च स्तर है। महिलाओं के मामले में बेरोजगारी दर उल्लेखनीय रूप से 8.7 फीसद के उच्च स्तर पर, जबकि पुरुषों के संदर्भ में यह 4.3 फीसद रही। यह आंकड़ा केंद्र की भाजपा शासित सरकार के लिए खतरे की घंटी हो सकती है, जिसने देश में समावेशी वृद्धि के लिए रोजगार सृजित करने को लेकर ‘मेक इन इंडिया’ जैसे कई कदम उठाए हैं।

अखिल भारतीय स्तर पर पांचवें सालाना रोजगार-बेरोजगारी सर्वे के अनुसार करीब 77 फीसद परिवारों के पास कोई नियमित आय या वेतनभोगी व्यक्ति नहीं है। इसके अनुसार यूपीएस (यूजुअल प्रिंसिपल स्टेटस) रुख के तहत अखिल भारतीय स्तर पर बेरोजगारी दर पांच फीसद अनुमानित है। यूपीएस रुख के तहत बेरोजगारी दर का आकलन के लिए संदर्भ अवधि 365 दिन का उपयोग किया जाता है।


2013-14 में बेरोजगारी दर 4.9 फीसद, 2012-13 में 4.7 फीसद, 2011-12 में 3.8 फीसद और 2009-10 में 9.3 फीसद रही। 2014-15 के लिए इस प्रकार की रिपोर्ट जारी नहीं की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, यूपीएस रुख के तहत ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगारी दर 5.1 फीसद, जबकि शहरी क्षेत्र में 4.9 फीसद थी। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में बेरोजगारी दर सबसे ऊंची है। महिलाओं में बेरोजगारी दर 8.7 फीसद आंकी गई है, जबकि पुरुषों में 4.3 फीसद थी।शहरी क्षेत्रों में महिलाओं में बेरोजगारी दर 12.1 फीसद रहने का अनुमान लगाया गया है वहीं पुरुषों में 3.3 फीसद और किन्नरों में यह 10.3 फीसद रही। सर्वे सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल 2015 से दिसंबर 2015 के दौरान किए गए। इसमें कुल 1,56,563 परिवारों को शामिल किया। इसमें 88,783 ग्रामीण क्षेत्र में, जबकि 67,780 शहरी क्षेत्र के हैं। सर्वे में राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में त्रिपुरा (19.7 फीसद) सबसे ऊपर है। उसके बाद क्रमश: सिक्किम (18.1 फीसद), लक्षद्वीप (16.1 फीसद), अंडमान निकोबार द्वीप (12.7 फीसद), केरल (12.5 फीसद) और हिमाचल प्रदेश (10.6 फीसद) का स्थान है।

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