भारतीय रेलवे की नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पहुंच गई है। BEML ने चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके इसे डेवलप किया है। यह नई ऑरेंज और ग्रे रंग की ट्रेन KSR बेंगलुरु और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), मुंबई के बीच चलेगी। यह देश की दूसरी ऐसी ट्रेन होगी।
पहली वंदे भारत स्लीपर (जो जनवरी 2026 में लॉन्च हुई थी) हावड़ा और कामाख्या के बीच चलती है। इसने दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय छह घंटे तक कम कर दिया है।
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का रूट
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मई में घोषणा की थी कि बेंगलुरु और मुंबई को जोड़ने वाली एक नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द ही शुरू होगी। इस नई एक्सप्रेस ट्रेन से बेंगलुरु, हुबली-धारवाड़ क्षेत्र, बेलगावी, पुणे और मुंबई के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए रेल कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है।
बेंगलुरु रेलवे स्टेशन साउथ वेस्टर्न रेलवे (SWR) जोन के एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकार क्षेत्र में आता है। जनसत्ता के सहयोगी द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए साउथ वेस्टर्न रेलवे (SWR) के चीफ पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर (CPRO) डॉ. मंजूनाथ कनमाडी ने इस डेवलपमेंट को कन्फर्म किया।
उन्होंने कहा, “हां, ट्रेनसेट BEML द्वारा फाइनल टेस्टिंग के लिए बेंगलुरु में है। इसे अभी तक साउथ वेस्टर्न रेलवे या इंडियन रेलवे को नहीं सौंपा गया है। ट्रेन अभी भी BEML के पास है। इसे सिर्फ चेकिंग के मकसद से हमारे स्टेशन पर स्टेबल किया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि ट्रेन को पूरी तरह से ऑपरेशनल आसानी के लिए SMVT बेंगलुरु स्टेशन पर स्टेबल किया गया है। उन्होंने कहा, “टेस्टिंग प्रोसेस के दौरान ट्रेन को जहां भी स्टेबल करना मुमकिन लगता है, वहां इसे पार्क किया जाता है।”
सभी ट्रायल और टेस्ट पूरे करने और संबंधित अधिकारियों से जरूरी अप्रूवल मिलने के बाद ट्रेन के लॉन्च होने की उम्मीद है।
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के फीचर्स
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच हैं, जिनमें 11 थ्री एसी (3AC), 4 टू एसी (2AC) और 1 फर्स्ट एसी (1AC) कोच शामिल हैं। ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के सफर की क्षमता है। इनमें 3AC में 611, 2AC में 188 और फर्स्ट एसी में 24 यात्रियों के लिए बर्थ उपलब्ध हैं।
यह एक सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन है, जिसकी डिज़ाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा तक है। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें बेहतर कुशनिंग वाली एर्गोनॉमिक बर्थ, कोचों के बीच आसान आवाजाही के लिए वेस्टिब्यूल के साथ ऑटोमैटिक दरवाजे, बेहतर सस्पेंशन सिस्टम और कम शोर वाली राइड दी गई है, जिससे सफर अधिक आरामदायक होगा।
सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में कवच सुरक्षा प्रणाली, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और अत्याधुनिक कंट्रोल व सुरक्षा सुविधाओं से लैस ड्राइवर कैब दी गई है। वहीं, स्वच्छता बनाए रखने के लिए डिसइन्फेक्शन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
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भारतीय रेलवे ने देश की 49वीं वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का शेड्यूल बदला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मार्च, 2024 को हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई यह वंदे भारत ट्रेन वाराणसी और रांची के बीच चलती है। इस सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन का रखरखाव और संचालन साउथ ईस्टर्न रेलवे जोन कर रहा है। इसका कमर्शियल रन 18 मार्च, 2024 को शुरू हुआ था। यहां पढ़ें पूरी खबर…
