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भारतीय रेलवे तैयार कर रहा देश का पहला चलता-फिरता पुल, जानें- कैसे अपने आप उठ जाएगा ऊपर

भारत का यह पहला चलता-फिरता पुल वर्टिकल 'लिफ्ट स्पैन टेक्नोलॉजी' से बनाया जाएगा। दो किलोमीटर लंबे इस पुल पर 8 नवंबर, 2019 को काम शुरू हुआ था।

यह पंबन सेतु किसी भी जहाज के गुजरने के लिए रास्ता बनाने को ऊपर उठ जाएगा। (फोटो सोर्स: ट्विटर)

भारतीय रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में लगातार नए कारनामे कर रहा है। अब रेलवे ने समुद्र में एक ऐसे पुल का निर्माण शुरू कर दिया है, जो किसी जहाज के आने पर ऊपर उठ जाएगा। भारत का यह पहला चलता-फिरता पुल वर्टिकल ‘लिफ्ट स्पैन टेक्नोलॉजी’ से बनाया जाएगा। दो किलोमीटर लंबे इस पुल पर 8 नवंबर, 2019 को काम शुरू हुआ था और अगले दो साल में इसके पूरा होने की उम्मीद है।

यह पुल पंबन द्वीप पर स्थित तीर्थ रामेश्वरम को मंडपम से जोड़ेगा। रेलवे विकास निगम लिमिटेड की ओर से इस पुल पर काम किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले साल मार्च में तमिलनाडु के कन्याकुमारी में इस पुल की आधारशिला रखी थी।

तेज रफ्तार से दौड़ सकेंगी ट्रेनें: सूत्रों के मुताबिक नए पंबन पुल के चलते ट्रेनें न सिर्फ तेज रफ्तार से चल सकेंगी बल्कि ज्यादा वजन भी ले जा सकेंगी। पंबन और रामेश्वरम के बीच ट्रैफिक भी बढ़ सकेगा। बता दें कि रामेश्वरम की भी काशी की तरह ही धार्मिक मान्यता है।

1914 में बना था पुराना पुल: पंबन पुल को 250 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इससे पहले 1914 में यहां एक पुल तैयार हुआ था, जो रामेश्वरम को मंडपम से जोड़ता था। उस दौर में रामेश्वर को भारत के अन्य हिस्से से जोड़ने वाला यह एकमात्र पुल था, लेकिन 1988 में इसके समानांतर ही एक रोड ब्रिज भी तैयार हुआ था।

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