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इनकम टैक्स रिटर्न में कमाई छिपाने वालों पर थोड़ी रहम, नियम में हुए ये बदलाव

CBDT ने नया सर्कुलर जारी किया है, जिसमें टैक्स जमा करने में देरी और टीडीएस कम करने पर अभियोजन को ढील दी जाएगी।

Author Published on: September 12, 2019 10:59 AM
इस तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीकात्मक रूप में किया गया है। (फोटो सोर्स: द इंडियन एक्सप्रेस)

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर रिटर्न में टीडीएस को कम करने या देर से आईटी रिटर्न भरने वाले लोगों के खिलाफ कुछ ढील दी है। 9 सितंबर को जारी सर्कुलर में सीबीडीटी ने टीडीएस डिफाल्ट के मामले में कुछ समय-सीमा निर्धारित की है। सर्कुलर के मुताबिक, ऐसे मामले जहां टीडीएस की नॉन-पेमेंट राशि 25 लाख रुपये या उससे कम है और जमा में देरी तय तारीख से 60 दिन कम है, तो सामान्य परिस्थितियों में अभियोजन पक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।

पिछले महीने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट करते हुए कहा था, “मैंने रेवेन्यू सेक्रेटरी को निर्देश दिया है कि ईमानदार करदाताओं को तंग नहीं किए जाने के संबंध में सुनिश्चित मापदंड तैयार किए जाएं, ताकि सच्चे टैक्सपेयर का उत्पीड़न न हो और वे लोग जो छोटी-मोटी गलतियां करते हैं उनके खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई नहीं की जाए।”

इस तरह की घटना को बॉलीवुड निर्माता फिरोज नाडियाडवाला के मामले में याद किया जा सकता है। नाडियाडवाला उस वक्त चर्चा में थे जब मुंबई की मैजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें 8.56 लाख रुपये का टीडीएस जमा करने में देरी के लिए कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसका कारण यह था कि धारा 276B में (टीडीएस समय पर जमा नहीं करने) तीन महीने और सात साल की अवधि के लिए अभियोजन पक्ष के लिए प्रावधान है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस मामले में बॉम्बे चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी में टैक्सेशन कमिटी के चेयरपर्सन अमित पटेल से बातचीत की है, जिसमें पटेल का कहना है, “28 मई, 1980 के सीबीडीटी के सर्कुलर में आईटी अधिकारी को निर्देश दिया गया था कि वे उन मामलों में अभियोजन शुरू न करें, जहां टीडीएस जमा करने में देरी एक वर्ष से कम है। यह निर्देश अगस्त 2013 में वापस ले लिया गया था। अब दो महीने की छूट प्रदान की गई है और यह बहुत ही सही दिशा में उठाया गया कदम है। अभियोजन कार्यवाही शुरू करने के लिए 25 लाख से अधिक की सीमा निर्धारित करने से ऊपर कई करदाताओं, जिनमें विशेष रूप से छोटो और मध्यम उद्यमी हैं, उन्हें इसका लाभ मिलेगा।”

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