ताज़ा खबर
 

2018-19 में भी भारत बना रहेगा एशिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था: एशियाई विकास बैंक

देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2018-19 में 7.3 प्रतिशत रहेगी , जो अगले वित्त वर्ष में बढ़कर 7.6 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी।

Author नई दिल्ली | April 11, 2018 4:44 PM

देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2018-19 में 7.3 प्रतिशत रहेगी , जो अगले वित्त वर्ष में बढ़कर 7.6 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी। इससे भारत का एशिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का दर्जा कायम रहेगा। मनीला के एशियाई विकास बैंक ( एडीबी ) की एशियाई विकास परिदृश्य 2018 रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘ व्यापार को लेकर जोखिम काफी ऊंचा ’ है। इसकी प्रतिक्रिया में की गई कार्रवाई से आगे चलकर एशियाई क्षेत्र की वृद्धि दर प्रभावित हो सकती है।
एडीबी का कहना है कि माल एवं सेवा कर ( जीएसटी ) तथा बैंकिंग सुधारों की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।

बीते वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रही थी। अर्थव्यवस्था को 2016 में की गई नोटबंदी के प्रभावों से जूझना पड़ा। वहीं जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारियों को इससे संयोजन बैठाने के लिए काफी प्रयास करने पड़े। वहीं कृषि क्षेत्र की स्थिति भी कमजोर रही। 2016-17 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही थी।

HOT DEALS
  • Micromax Dual 4 E4816 Grey
    ₹ 11978 MRP ₹ 19999 -40%
    ₹1198 Cashback
  • I Kall Black 4G K3 with Waterproof Bluetooth Speaker 8GB
    ₹ 4099 MRP ₹ 5999 -32%
    ₹0 Cashback

चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे पिछले दो साल से वृद्धि दर में गिरावट के सिलसिले को पलटा जा सकेगा।
एडीबी के मुख्य अर्थशास्त्री यासूयुकी सावादा ने कहा , ‘‘ लघु अवधि में कुछ नुकसान के बावजूद हाल में लागू किए गए जीएसटी से भविष्य में देश की वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा। ’’ सावादा ने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ने और सरकार के कारोबार की स्थिति को सुगम करने के प्रयासों से भी वृद्धि की रफ्तार तेज होगी।

चीन के बारे में एडीबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह 2017 के 6.9 प्रतिशत से घटकर इस साल 6.6 प्रतिशत पर आ जाएगी। 2019 में यह घटकर 6.4 प्रतिशत रह जाएगी। एडीबी इंडिया के कंट्री निदेशक केनिची योकोयामा ने कहा कि भारत एशिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। योकोयामा ने कहा कि बैंकों के डूबे कर्ज और कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने जैसे मुद्दे बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा आयात शुल्क वृद्धि का अधिक प्रभाव नहीं होगा , लेकिन भारत को सतर्क रहने की जरूरत है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App