केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार, 25 मई को पश्चिम एशिया संकट के बीच 3Fs (ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा) पर अधिक ध्यान देने की अपील की और इस बात पर जोर दिया कि घरेलू अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत बनी हुई है।

मुंबई में SIDBI के एक कार्यक्रम में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारतीयों का एक तबका “पश्चिम एशिया संकट से पैदा हुई चुनौतियों के बीच हमारी अपनी उपलब्धियों की बुराई करना चाहता है।”

उन्होंने कहा कि भारत डर फैलाने का जोखिम नहीं उठा सकता, हमें लोगों में भरोसा जगाने की जरूरत है। वित्त मंत्री ने कहा कि डीजल और पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में कटौती से राजस्व पर 1 लाख करोड़ रुपये का असर पड़ेगा।

बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के अलावा, उर्वरक की कीमतें भी अकल्पनीय स्तर पर पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि सोने की ऊंची कीमतें बाहरी मोर्चे पर कुछ चुनौतियां पैदा कर रही हैं।

सीतारमण ने कहा कि ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा के 3Fs पर ध्यान देने की जरूरत है और बताया कि PM मोदी की अपीलें इसी संदर्भ में हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ “आलोचक” इस स्थिति में कूद पड़े हैं, और दावा कर रहे हैं कि सब कुछ “बिखर रहा है”, जो बिल्कुल भी सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि आम लोगों द्वारा खुद जो भी अच्छा काम किया जा रहा है, उसे भुला दिया जाता है। और एक निराशावादी, नकारात्मक माहौल बनाया जाता है, जो बिल्कुल भी सही नहीं है।

समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, वित्त मंत्री ने कहा कि बाहरी कारणों से चुनौतियां हैं, लेकिन भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था आज भी सकारात्मक और मजबूत बनी हुई है।

आर्थिक झटकों को झेलने और विकास की गति को बनाए रखने के लिए हमारी नीतिगत प्रतिक्रिया को सोच-समझकर तैयार किया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि MSMEs के बकाया भुगतानों में देरी के कारण 8.1 लाख करोड़ रुपये फंसे हुए हैं, जिसका असर उनकी कार्यशील पूंजी और विकास पर पड़ रहा है। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से अपील की कि वे MSMEs को भुगतान करने के लिए 45 दिन की समय सीमा से ज़्यादा समय न लें।

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आयकरदाताओं के लिए यह खबर बेहद जरूरी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2026-27 (AY 2026-27) यानी फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए सभी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं। विभाग ने ITR-1 से ITR-4 फॉर्म 30 मार्च को जारी किया था, जबकि ITR-2, ITR-3, ITR-5, ITR-6, ITR-7 और अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने के लिए ITR-U फॉर्म 12 मई को नोटिफाई किए गए।

अब रिटर्न फाइलिंग सीजन शुरू हो चुका है और ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों को उनका Form-16 भी मिलना शुरू हो गया है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि त्रुटियों से बचने के लिए अंतिम समय में फॉर्म भरने से बचें। यहां पढ़ें पूरी खबर…