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टाटा से हार के बीच रॉकेट की तरह बढ़ी पलोनजी मिस्त्री की दौलत, दुनिया में हासिल किया ये मुकाम

कंस्ट्रक्शन के दिग्गज पलोनजी वैसे तो एक आयरिश महिला से शादी करने की वजह से आयरलैंड के नागरिक हो गए हैं, लेकिन वे ज्‍यादातर समय भारत में ही रहते हैं।

टाटा से हार के बीच रॉकेट की तरह बढ़ी पलोनजी मिस्त्री की दौलत, दुनिया में हासिल किया ये मुकाम
टाटा संस में चेयरमैन पद को लेकर कानूनी लड़ाई में एसपी समूह को हार मिली है। (Photo-Indian Express )

टाटा संस में चेयरमैन पद को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में शापूरजी पलोनजी (एसपी) समूह को हार मिली है। इस बुरी खबर के बावजूद एसपी समूह के मुखिया पलोनजी मिस्त्री को एक बड़ी सफलता मिली है।

दरअसल, पलोनजी मिस्त्री की दौलत में बड़ा इजाफा हुआ है और वह दुनिया के 50वें सबसे दौलतमंद अरबपति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक पलोनजी मिस्त्री की दौलत 26.8 बिलियन डॉलर हो गई है और वह रैंकिंग में 50वें स्थान पर आ गए हैं। कंस्ट्रक्शन के दिग्गज पलोनजी वैसे तो एक आयरिश महिला से शादी करने की वजह से आयरलैंड के नागरिक हो गए हैं, लेकिन वे ज्‍यादातर समय भारत में ही रहते हैं।

भारतीय अरबपतियों में पलोनजी मिस्त्री को विप्रो के फाउंडर अजीम प्रेमजी से टक्कर मिल रही है। अजीम प्रेमजी की कुल दौलत 26.3 बिलियन डॉलर है और वह दुनिया के 54वें सबसे अमीर शख्स हैं।

दुनिया के अमीरों में पलोनजी के आगे जो भारतीय हैं उनमें गौतम अडानी और मुकेश अंबानी हैं। गौतम अडानी दुनिया के 22वें सबसे दौलतमंद अरबपति हैं जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी दुनिया के 11वें सबसे अमीर शख्स बने हुए हैं। मुकेश अंबानी एशिया के भी सबसे दौलतमंद अरबपति के तौर पर भी दबदबा बनाए हुए हैं।

टाटा समूह से विवाद में मिली है हार: आपको बता दें कि टाटा संस के चेयरमैन पद के लिए चल रही जंग में एसपी समूह को हार मिली है। बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय कंपनी लॉ अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के 18 दिसम्बर 2019 के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें सायरस मिस्त्री को ‘टाटा समूह’ का दोबारा कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का आदेश दिया गया था।

मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने टाटा समूह की अपील को स्वीकार किया। टाटा समूह की कंपनियों की होल्डिंग फर्म टाटा संस ने शुक्रवार को कहा कि अपदस्थ चेयरमैन साइरस मिस्त्री के खिलाफ मुकदमे में उच्चतम न्यायालय के आदेश से उसका पक्ष सही साबित हुआ है।

बता दें कि साइरस मिस्त्री को 28 दिसंबर, 2012 को टाटा का चेयरमैन बनाया गया था। मिस्त्री ने छठे चेयरमैन के तौर पर ग्रुप में कार्यभार संभाला था, लेकिन 2016 में मिस्त्री को पद से हटा दिया गया था। इसी के बाद विवाद बढ़ा और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

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