भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते को लेकर हाल ही में कई अहम कूटनीतिक और आर्थिक घटनाक्रम देखने को मिले। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत, उच्चस्तरीय बैठकों और नीतिगत संकेतों के बाद आखिरकार इस समझौते की घोषणा कर दी गई है। इस घोषणा तक पहुंचने की प्रक्रिया में जो प्रमुख घटनाएं घटीं हैं, हम आपको उनके बारे में बता रहे हैं। जानें भारत-यूएस ट्रेड डील के बाच कब-कब क्या-क्या हुआ। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की घोषणा तक हुई प्रमुख घटनाओं की डिटेल…

13 फरवरी, 2025: एक संयुक्त बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्यापार संबंधों को और मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर से अधिक करने का एक साहसिक लक्ष्य निर्धारित किया।

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4-6 मार्च: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वाशिंगटन डीसी का दौरा किया और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर तथा अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।

2 अप्रैल, 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 26 प्रतिशत का अतिरिक्त आयात शुल्क (10 प्रतिशत आधार शुल्क और 16 प्रतिशत जवाबी शुल्क) लगाने की घोषणा की।

9 अप्रैल, 2025: अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले 26 प्रतिशत के जवाबी शुल्क को 90 दिनों (नौ जुलाई, 2025 तक) के लिए स्थगित कर दिया।

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23-29 अप्रैल, 2025: तत्कालीन भारतीय मुख्य वार्ताकार राजेश अग्रवाल (अब वाणिज्य सचिव) ने प्रस्तावित व्यापार समझौते के लिए अमेरिकी समकक्षों के साथ पहली व्यक्तिगत बैठक के लिए वाशिंगटन का दौरा किया। उन्होंने शुल्क, गैर-शुल्क बाधाओं और सीमा शुल्क सरलीकरण सहित 19 अध्यायों को कवर करने वाले संदर्भ की शर्तों पर चर्चा की।

17-20 मई, 2025: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वाशिंगटन का दौरा किया और यूएसटीआर ग्रीर और अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक से मुलाकात की।

4-10 जून, 2025: अतिरिक्त अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने सप्ताह भर चलने वाली चर्चाओं के लिए भारत का दौरा किया।

26 जून, 2025: अग्रवाल के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने नौ जुलाई की समयसीमा से पहले मतभेदों को दूर करने के लिए अगले दौर की बातचीत के लिए फिर से वाशिंगटन का दौरा किया।

27 जून, 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ एक बहुत बड़ा व्यापार समझौता करने जा रहा है।

31 जुलाई, 2025: अमेरिका ने सात अगस्त, 2025 से प्रभावी होने वाले 25 प्रतिशत शुल्क की घोषणा की।

6 अगस्त, 2025: ट्रंप ने भारत से आने वाले सामानों पर दंडात्मक कार्रवाई के रूप में अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगा दिया, क्योंकि नई दिल्ली ने रूस से तेल की खरीद जारी रखी थी।

16 सितंबर, 2025: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के कार्यालय के अधिकारियों ने भारत में व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और इस संबंध में प्रयासों को तेज करने का निर्णय लिया गया।

22 सितंबर, 2025: गोयल ने व्यापार वार्ता के लिए न्यूयॉर्क का दौरा किया। उनके साथ राजेश अग्रवाल भी थे।

15-17 अक्टूबर, 2025: भारतीय टीम वार्ता के लिए वाशिंगटन में रही। अब तक औपचारिक रूप से छह दौर की बातचीत हो चुकी थी।

10 दिसंबर, 2025: उप अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) रिक स्विट्जर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अपने भारतीय समकक्ष राजेश अग्रवाल के साथ दो दिवसीय व्यापार वार्ता के लिए राजधानी का दौरा किया।

12 जनवरी, 2026: भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दावा किया कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

2 फरवरी, 2026: भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए जिसके तहत वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद यह घोषणा की।