भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तेजी देखने को मिल रही है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पुष्टि की है कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने के अंत में वाशिंगटन जाएगा।
एक X (Twitter) पर एक पोस्ट में गोर ने यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमीसन ग्रीर के साथ अपनी मीटिंग को “बहुत प्रोडक्टिव” बताया, जिसमें साउथ और सेंट्रल एशिया में प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की ट्रेड प्रायोरिटीज़ को आगे बढ़ाने पर फोकस किया गया।
पोस्ट में लिखा था, “अमेरिका और भारत पहले एक ट्रेड डील पर सहमत हो चुके हैं और हम इस महीने के आखिर में वाशिंगटन में एक भारतीय डेलीगेशन का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।”
आने वाला दौरा “मिशन 500” के तहत इकोनॉमिक एंगेजमेंट को गहरा करने के लिए नई दिल्ली और वाशिंगटन की बड़ी कोशिशों से जुड़ा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप की एक जॉइंट पहल है जिसका मकसद 2030 तक बाइलेटरल ट्रेड को दोगुना से ज्यादा करके 500 बिलियन डॉलर करना है।
इंडिया-अमेरिका ट्रेड फैसिलिटेशन पोर्टल लॉन्च
एक अन्य खबर के अनुसार, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अमेरिका में भारत के एम्बेसडर विनय क्वात्रा ने बिजनेस इंटरैक्शन को आसान बनाने के लिए इंडिया-अमेरिका ट्रेड फैसिलिटेशन पोर्टल लॉन्च किया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म इंडियन एक्सपोर्टर्स और अमेरिका इंपोर्टर्स के बीच सीधा जुड़ाव बनाएगा, जिससे ट्रेड बढ़ाने के नए रास्ते खुलेंगे।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
भारत और अमेरिका ने दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच महीनों की बातचीत के बाद 2 फरवरी, 2026 को एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की घोषणा की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा था, ‘आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हुई। वह मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं और अपने देश के ताकतवर और सम्मानित नेता हैं। हमने व्यापार, रूस और यूक्रेन के युद्ध को समाप्त करने जैसे कई मुद्दों पर बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस से तेल खरीदना बंद करने को लेकर सहमत हुए हैं और अमेरिका और संभवत: वेनेजुएला से भी ज्यादा तेल खरीदने पर उन्होंने सहमति दी है।’
इस समझौते के प्रमुख निष्कर्षों में से एक एक भारत के खिलाफ टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर अंततः 18 प्रतिशत करना था।
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