केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल बुधवार (4 फरवरी 2026) को संसद में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को ऐतिहासिक करार दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक ढांचागत समझौता भारत और अमेरिका के रिश्तों को मजबूत करने और 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने लोकसभा में कहा कि भारत इस समझौते में कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। उन्होंने सदन में दिए वक्तव्य में यह भी कहा कि इस समझौते से भारत को विकसित बनाने की दिशा में देश की यात्रा को मजबूती मिलेगी।

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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कहा, ”दोनों पक्ष पिछले एक वर्ष में विभिन्न स्तर पर वार्ता करते रहे हैं, इन वार्ताओं में भारतीय पक्ष विशेष रूप से कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। 140 करोड़ भारतीयों की आवश्यकताओं की सुरक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। देश को विकसित बनने के पथ पर आगे बढ़ने के लिए ऊर्जा, विमानन, डेटा केंद्र और परमाणु ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता होगी; अमेरिका इन क्षेत्रों में अग्रणी देश है।”

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गोयल ने कहा, ”मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि यह अमेरिका द्वारा कई प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए शुल्क से कम है।” उनका कहना था कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों को तुलनात्मक लाभ प्रदान करेगा। मंत्री के अनुसार, भारतीय पक्ष विशेष रूप से कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। गोयल ने इस बात पर जोर दिया, ”खाद्य और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का ध्यान रखा गया है।”

उनका कहना था, ”यह ऐतिहासिक ढांचागत समझौता दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने और 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।”

सोमवार (2 फरवरी 2026) को भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बनी है जिसके तहत ट्रंप प्रशासन भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को 0 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर राजी हुआ है।