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राजन ने दिया नीतिगत दर में और कटौती का संकेत

रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने नीतिगत दर में कटौती का संकेत देते हुये कहा है कि केन्द्रीय बैंक अभी भी समायोजन के दौर में है और मुद्रास्फीति तथा वृहद आर्थिक आंकड़ों के आधार पर आगे निर्णय करेगा।

Author वॉशिंगटन। | August 30, 2015 15:37 pm

नीतिगत ब्याज दर में जल्दी ही कटौती किये जाने का संकेत देते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि मुद्रास्फीति उम्मीद से अधिक तेजी से घट कर संतोषजनक स्तर पर आ गई है और उनकी आंकड़ों पर निगाह है तकि यह पता चल सकेगा कि दरों में और कटौती की अभी कितनी गुंजाइश है।

राजन ने कहा, ‘‘अभी हमारे यहां उदार मौद्रिक नीति का दौर चल रहा है। हम अभी उसी दौर में हैं। हम आंकड़ों को देख रहे हैं कि अभी और क्या गुंजाइश हो सकती है।’ रिजर्व बैंक इस साल ब्याज दरों में तीन बार कटौती कर चुका है और अभी भी इसका रुख नरम है।

रिजर्व बैंक गवर्नर ने अमेरिका के व्योमिंग में ‘जैक्सन होल आर्थिक सम्मेलन’ के मौके पर वॉल स्ट्रीट जर्नल से साक्षात्कार में कहा, ‘‘आप जानते हैं कि अन्य केंद्रीय बैंकों की तरह हम भी ‘प्रतीक्षा और निगरानी’ कर रहे हैं। आगे के आंकड़ों के विश्लेषण के जरिये हम देखेंगे कि अभी इसे और उदार किए जाने की कितनी गुंजाइश है।’’

कंसास सिटी फेडरल रिजर्व यहां आयोजित इस इस प्रतिष्ठित सम्मेलन दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के प्रतिनिधि और वित्तीय क्षेत्र की हस्तियां भाल लेती हैं। उन्होंने कहा कि भारत में मुद्रास्फीति नीचे आई है। यह पूछे जाने पर कि क्या मुद्रस्फीति रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर के दायरे में उम्मीद से पहले आई है, राजन का जवाब हां में था।

इससे पहले इसी सम्मेलन के दौरान सीएनबीसी के साथ साक्षात्कार में राजन ने कहा था कि अभी ब्याज दरों में कटौती का काम पूरा नहीं हुआ है और आरबीआई का रुख नरम बना हुआ है।

यह पूछे जाने पर क्या देश से पूंजी की निकासी या विनिमय दर में गिरावट मुद्रा के अवमूल्यन ऐसी स्थिति भी बन सकती है कि ब्याज दरों में कमी नहीं की जा सके, राजन ने वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा, ‘‘नहीं आप जानते हैं कि पूंजी मजबूत अर्थव्यवस्थाओं की ओर आकर्षित होती है। भारत में, जैसा हमने देखा है ज्यादातर समय तक हम पूंजी को आकर्षित करते रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब, पिछले कुछ महीनों से उभरते बाजारों को पूंजी की हानि और निकासी देखनी पड़ रही है। हमारे यहां भी थोड़ा बहुत हुआ है, पर इसे बहुत अधिक अप्रत्याशित या नाटकीय नहीं कहा जा सकता है। शेयर बाजारों से कुछ निकासी हुई है। रिण का प्रवाह कायम है।’’

यह पूछे जाने पर कि वृद्धि और मुद्रास्फीति में क्या उनके फैसले को प्रभावित करेगा, राजन ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि वृद्धि का प्रभाव होता है क्यों कि यह मुद्रास्फीति संबंधी हमारे अनुमानों को प्रभावित करती है। उदाहरण के लिए वैश्विक वृद्धि कमजोर है और जिंसों के दाम भी नीचे आ रहे हैं, तो यह हमारे मुद्रास्फीति के परिदृश्य को प्रभावित करेगा।’’

राजन ने कहा, ‘‘हमारा मुख्य ध्यान मुद्रास्फीति के परिदृश्य पर है। इसमें अच्छे मॉनसून से मदद मिली है। इसमें जिंसों के दामों में गिरावट से भी मदद मिली है। आप जानते हैं कि विनिमय दरों में उल्लेखनीय गिरावट से यह प्रभावित होता है।’’

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