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बुनियादी ढांचा उद्योग का पहिया धीमा, जनवरी में 3.4% रही वृद्धि

रिफाइनरी उत्पादों, उर्वरक और सीमेंट के उत्पादन में आलोच्य माह के दौरान क्रमश: 1.5 प्रतिशत, 1.6 प्रतिशत और 13.3 प्रतिशत की गिरावट आयी।

Author नई दिल्ली | March 1, 2017 12:26 AM
भारत के आठ प्रमुख बुनियादी उद्योग की वृद्धि दर। (पीटीआई ग्राफिक्स)

आठ प्रमुख बुनियादी उद्योग की वृद्धि दर जनवरी में 3.4 प्रतिशत रही जो पांच महीने का न्यूनतम स्तर है। मुख्य रूप से रिफाइनरी उत्पादों, उर्वरक और सीमेंट के उत्पादन में गिरावट से वृद्धि दर घटी है। आठ प्रमुख बुनियादी उद्योग में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली हैं। इनकी वृद्धि दर जनवरी 2016 में 5.7 प्रतिशत थी। बुनियादी उद्योग की जनवरी में वृद्धि दर अगस्त 2016 के बाद सबसे कम है। उस समय इसमें 3.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। यह दिसंबर 2016 में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि से भी कम है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा मंगलवार (28 फरवरी) को जारी आंकड़े के अनुसार कुल औद्योगिक उत्पादन में 38 प्रतिशत का योगदान देने वाला बुनियादी उद्योग की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के दौरान 4.8 प्रतिशत रही जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 2.9 प्रतिशत थी।

रिफाइनरी उत्पादों, उर्वरक और सीमेंट के उत्पादन में आलोच्य माह के दौरान क्रमश: 1.5 प्रतिशत, 1.6 प्रतिशत और 13.3 प्रतिशत की गिरावट आयी। कोयला तथा बिजली क्षेत्र दोनों की वृद्धि दर जनवरी में 4.8 प्रतिशत रही जबकि 2016 के इसी महीने में दोनों क्षेत्रों में क्रमश: 7.9 प्रतिशत और 11.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। हालांकि कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और इस्पात उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि हुई है। कच्चे तेल का उत्पादन जनवरी में 1.3 प्रतिशत बढ़ा जबकि इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने में इसमें 4.7 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। इसी प्रकार, आलोच्य महीने में प्राकृतिक गैस और इस्पात उत्पादन में क्रमश: 11.9 प्रतिशत और 11.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

नोटंबदी को दरकिनार कर Q3 में जीडीपी वृद्धि दर 7%, पूरे वर्ष का वृद्धि अनुमान 7.1% पर बरकरार

नोटबंदी की वजह से आर्थिक गतिविधियों के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंकाओं को दरकिनार करते हुये चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7 प्रतिशत रही है, जबकि पूरे वर्ष की वृद्धि का दूसरा अग्रिम अनुमान भी 7.1 प्रतिशत पर पूर्ववत रहा है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के मंगलवार (28 फरवरी) को जारी तीसरी तिमाही और पूरे वर्ष के अग्रिम अनुमान में चालू वित्त वर्ष की वृद्धि दर को 7.1 प्रतिशत पर कायम रखा है। इससे पहले जनवरी में नोटबंदी के प्रभाव को शामिल किये बिना जारी पहले अग्रिम अनुमान में भी पूरे वर्ष की वृद्धि का यही आंकड़ा जारी किया गया था। इस बीच, सीएसओ ने पहली और दूसरी तिमाही के जीडीपी वृद्धि के संशोधित आंकड़े जारी किये हैं जिनमें पहली तिमाही में संशोधित वृद्धि दर बढ़कर 7.2 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 7.4 प्रतिशत हो गई।

बयान में कहा गया है कि 2016-17 में जीडीपी की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 7.9 प्रतिशत रही थी। वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) 2015-16 के 104.70 लाख करोड़ रुपए से 2016-17 में 111.68 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचने का अनुमान है। बयान में कहा गया है कि 2016-17 में मूल कीमत पर वास्तविक जीवीए 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2015-16 में 7.8 प्रतिशत रहा था। वित्त वर्ष 2016-17 में कृषि, वन और मत्स्य क्षेत्र की जीवीए 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पिछले साल इस क्षेत्र की वृद्धि 0.8 प्रतिशत रही थी। राष्ट्रीय आय 2016-17 के दूसरे अग्रिम अनुमान में कहा गया है कि विनिर्माण क्षेत्र की जीवीए की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 10.6 प्रतिशत रही थी।

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