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भारत को और ज्यादा विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सुधारों को आगे बढ़ाएगी सरकार: अरुण जेटली

जेटली ने कहा, ‘कई सुधार कार्यक्रम हैं जो हमें अगले कुछ वर्षों में लागू करने हैं और वैश्विक नरमी तथा दो साल के खराब मॉनसून के बावजूद हम ऐसी स्थिति में पहुंचे हैं जहां हमारी वृद्धि दर विश्व में सबसे अधिक है।’
Author ओसाका (जापान) | June 2, 2016 22:12 pm
ओसाका यूनिवर्सिटी में व्याख्यान देते केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली। (पीटीआई फोटो)

उत्साहजनक आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार (2 जून) को कहा कि सरकार अपने सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाएगी ताकि सबसे अधिक तेजी से वृद्धि दर्ज करने वाली अर्थव्यवस्था का तमगा बरकरार रखा जा सके और भारत को अधिक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बढ़ने में मदद मिल सके। ओसाका यूनिवर्सिटी में एक व्याख्यान के दौरान उन्होंने कहा, ‘भारत को अगले कुछ दशकों के दौरान उपलब्ध सभी संभावनाओं को हासिल करने के लिए अपनी आर्थिक वृद्धि के कार्यक्रमों को और मजबूती से आगे बढ़ाना होगा, तभी हम उच्च स्तर की वृद्धि बरकरार रख सकेंगे और जहां तक गरीबी उन्मूलन का सवाल है, तभी उचित परिणाम हासिल कर सकेंगे।’

उन्होंने कहा कि वैश्विक माहौल की प्रतिकूलता के बावजूद भारत ने सरकार की वृद्धिपरक नीतियों के मद्देनजर जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान 7.9 प्रतिशत और पूरे वित्त वर्ष 2015-16 के लिए 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की। जेटली ने कहा, ‘भारत विश्व में सबसे अधिक तेजी से वृद्धि दर्ज करने वाली अर्थव्यवस्था की स्थिति को बकरार रखेगा और यदि हम ऐसा कर पाए तो हम अपने आपको ऐसे समाज के तौर पर पेश कर पाएंगे जो उभरती अर्थव्यवस्था से विकसित अर्थव्यवस्था की ओर बढ रहा है।’

जेटली ने कहा, ‘कई सुधार कार्यक्रम हैं जो हमें अगले कुछ वर्षों में लागू करने हैं और वैश्विक नरमी तथा दो साल के खराब मॉनसून के बावजूद हम ऐसी स्थिति में पहुंचे हैं जहां हमारी वृद्धि दर विश्व में सबसे अधिक है।’ भावी दृष्टिकोण के संबंध में जेटली ने कहा कि उन्हें ये तो पता नहीं कि वैश्विक वृद्धि सहायक होगी या नहीं लेकिन इस साल भारत में अच्छी मॉनसूनी बारिश के आसार हैं और यह अपनेआप में वृद्धि के लिए बड़ा प्रेरक होगा।

उन्होंने कहा, ‘मुझे भरोसा है कि हमारी सुधार प्रक्रिया बरकरार रहेगी। इससे हमें अर्थव्यवस्था में विश्वसनीयता बहाल करने में मदद मिली और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के निवेशकों को भारत में अपने निवेश के बारे में ज्यादा भरोसा है। इससे हमें मदद मिली है।’ जेटली जापान के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए यहां छह दिन की यात्रा पर आए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी यात्रा में उत्साह देखने को मिला है और विभिन्न पेंशन एवं सावरेन फंड और निवेशक भारत को संभावनाशील गंतव्य के तौर पर देखते हैं।

उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें बेहतर मुनाफे की पेशकश करते हैं और उम्मीद है कि इन सब कारकों के कारण घरेलू मांग बढ़ रही है।’ जेटली ने कहा कि उच्च वृद्धि और ज्यादा विकसित अर्थव्यवस्था की ओर कदम बढ़ाने से भारत को सामाजिक असमानता से राहत पाने में मदद मिलेगी जो अभी भी मौजूद है। जेटली ने कहा कि उच्च वृद्धि दर हासिल करने के लिए निजी क्षेत्र जो थोड़ा धीमा रहा है, में और गति लाने की जरूरत है।

वित्त मंत्री ने कहा कि यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 4-5 प्रतिशत रहती है तो भारत भी नौ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘लेकिन आज ऐसी स्थिति है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का अनुमान घटाकर 3.9 प्रतिशत कर दिया गया है और इसलिए वैश्विक नरमी के बीच जहां माहौल बिल्कुल प्रतिकूल है ऐसी परिस्थिति के बीच बेहद उच्च वृद्धि दर बरकरार रखना मुश्किल काम है।’

उन्होंने कहा, ‘यह मुश्किल है क्योंकि विश्व भर की अर्थव्यवस्थाओं में नरमी शुरू हो गई है और व्यापार घटना शुरू हो गया है। कोई भी अर्थव्यवस्था यह नहीं कह सकती कि मैं इससे अछूती हूं। जापान और यूरोप ने इसका असर महसूस किया है।’ जेटली ने कहा कि 1991 से 2004 तक सुधार प्रक्रिया काफी तेजी से चली लेकिन बाद में यह धीमी हो गई और हाल के दिनों में इसने फिर से रफ्तार पकड़ी है।

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