Draft Income-tax Rules 2026 : सरकार ने ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 जारी किए हैं, जिनमें पर्मानेंट अकाउंट नंबर यानी PAN कार्ड के इस्तेमाल से जुड़े नियमों में बड़े बदलावों का प्रस्ताव किया गया है। इन बदलावों का सीधा असर उन आम लोगों पर पड़ सकता है जो बैंक में बड़ी रकम कैश डिपॉजिट करते हैं या कैश निकालते हैं, कैश देकर गाड़ी या प्रॉपर्टी खरीदते हैं, होटल-रेस्तरां में बड़ी रकम खर्च करते हैं या बीमा पॉलिसी लेते हैं। सरकार ने इन ड्राफ्ट नियमों पर 22 फरवरी 2026 तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद फाइनल रूल्स नोटिफाई किए जाएंगे। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए नियमों को 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जा सकता है। आइए जानते हैं उन 5 प्रस्तावित बदलावों के बारे में जो लोगों के आर्थिक लेन-देन पर असर डाल सकते हैं।

1. कैश डिपॉजिट और निकालने में क्या बदलेगा

अब तक एक दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा कैश जमा करने या निकालने पर PAN देना जरूरी था। नए ड्राफ्ट नियमों में इसे बदलकर पूरे वित्त वर्ष में 10 लाख रुपये तक कर दिया गया है। यानी अगर आप अलग-अलग खातों में मिलाकर साल भर में 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा कैश जमा करते हैं तो PAN देना जरूरी होगा। नए नियमों में यही लिमिट कैश निकालने पर भी लागू करने का प्रस्ताव है। इससे सरकार को बड़े कैश लेनदेन पर नजर रखने में आसानी होगी।

2. गाड़ियों की खरीद से जुड़े प्रस्ताव

मौजूदा नियमों में मोटरसाइकिल को छोड़कर किसी भी मोटर-व्हीकल की खरीद पर PAN देना पड़ता है। नए ड्राफ्ट रूल में प्रस्ताव है कि 5 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाली गाड़ी खरीदने पर PAN जरूरी होगा, भले ही वो गाड़ी मोटरसाइकिल हो। 5 लाख से कम कीमत की गाड़ी लेने वालों के लिए PAN देने की अनिवार्यता नहीं रहेगी।

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3. होटल और रेस्टोरेंट के बिल पर राहत

अभी होटल या रेस्टोरेंट में 50,000 रुपये से ज्यादा का पेमेंट करने पर PAN देना होता है। नए ड्राफ्ट नियमों में इस लिमिट को बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। इससे शादी या बड़े फंक्शन के लिए होटल में भुगतान करने वालों को थोड़ी राहत मिल सकती है।

4. प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में क्या बदलेगा

अभी 10 लाख रुपये से ज्यादा की अचल संपत्ति (जमीन या मकान) से जुड़े लेन-देन पर PAN देना जरूरी है। नए नियमों में यह लिमिट बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का सुझाव है। इसका मतलब है कि छोटे शहरों या कस्बों में कम कीमत की प्रॉपर्टी खरीदने वालों को PAN की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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5. इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़ा बड़ा बदलाव

फिलहाल अगर इंश्योरेंस प्रीमियम 50,000 रुपये से ज्यादा हो, तभी PAN देना पड़ता है। लेकिन नए ड्राफ्ट नियमों में इसका दायरा बढ़ाकर बीमा कंपनियों के साथ किसी भी अकाउंट-आधारित ट्रांजैक्शन को शामिल किया जा रहा है। यानी सिर्फ प्रीमियम ही नहीं, बल्कि पॉलिसी से जुड़ा पूरा अकाउंट ट्रैक किया जा सकेगा।

ये नए नियम क्यों लाए जा रहे हैं

सरकार का कहना है कि नए नियमों को लाने का मकसद उनकी भाषा को आसान बनाना, पुराने नियमों की दोहराव वाली बातों को हटाना और इनकम टैक्स एक्ट 2025 को सही ढंग से लागू करने का इंतजाम करना है। साथ ही बड़े कैश लेनदेन पर नजर रखना भी जरूरी है ताकि टैक्स चोरी को रोका जा सके और टैक्स वसूली सही तरीके से हो सके।