ताज़ा खबर
 

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त न करें ये गलतियां, वरना मिल सकता है आयकर विभाग का नोटिस, जानें- कैसे बरतें सावधानी

अभी टैक्सपेयर्स के पास ITR भरते वक्त किसी भी कमी को दूर करने के लिए पर्याप्त समय है। आइए जानते हैं, वे कौन सी 5 गलतियां हैं, जिन्हें दूर कर आप इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नोटिस से बच सकते हैं...

income taxइनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में रखें इन बातों का ध्यान

टैक्सपेयर्स हर साल इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं पर ITR फाइल करते समय कुछ गलतियों के कारण टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स का नोटिस आ जाता है। इस साल कोरोनावायरस संक्रमण के संकट के चलते इनकम टैक्स जमा करने की तारीख 31 जुलाई 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दी गई है। अभी टैक्सपेयर्स के पास ITR भरते वक्त किसी भी कमी को दूर करने के लिए पर्याप्त समय है। आइए जानते हैं, वे कौन सी 5 गलतियां हैं, जिन्हें दूर कर आप इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नोटिस से बच सकते हैं…

गलत फॉर्म चुनना: बहुत से लोग इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म को चुनने में गलती कर देते हैं। टैक्सपेयर्स को बता दें पिछले कुछ सालों में इनकम टैक्स फॉर्म में काफी बदलाव आया है। इस संदर्भ में सरकार ने गाइडलाइन भी इश्यू की हैं। उदाहरण के लिए सैलरी वाले टैक्सपेयर को सिर्फ ITR-1 चुनना चाहिए। वही सैलरी और कैपिटल गेन प्राप्त करने वाले लोगों को ITR-2 चुनना चाहिए।

इनकम टैक्स डिक्लेरेशन: टैक्सपेयर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ITR फॉर्म में इनकम सोर्स की सभी जानकारी होती हैं। टैक्सपेयर को इनकम टैक्स डिक्लेरेशन में टैक्सेबल और एग्जेम्पट दोनों इनकम की जानकारी भरनी चाहिए। इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक इनकम को छिपाना अपराध है। उदाहरण के तौर पर अगर टीडीएस काट लिया गया है, उसके बावजूद टैक्सपेयर को सेविंग अकाउंट और एफडी पर मिले ब्याज की जानकारी देनी चाहिए।

ई-वेरिफिकेशन भी है जरूरी: कई बार ऐसे केस भी सामने आते हैं जब लोग टैक्स तो भर देते हैं परंतु उसे ई-वेरीफाई नहीं कराते। टैक्सपेयर को ITR भरने के बाद उसे ई-वेरीफाई जरूर कराना चाहिए। यह आधार बेज्ड़ ओटीपी, नेट बैंकिंग और डिमेट अकाउंट से हो सकता है। इसके अलावा आप ITR की रसीद मैन्यूएली CPC बेंगलुरु ऑफिस भी भेज सकते हैं। अगर ITR भरने के 120 दिन तक ई- वेरिफिकेशन नहीं कराया गया तो रिटर्न मान्य नहीं होगा।

इनकम और टैक्स डिडक्शन में मिसमैच: इनकम टैक्स डिडक्शन में मिसमैच इनकम टैक्स के नोटिस मिलने के सबसे बड़े कारणों में से एक है। इसलिए टैक्सपेयर को इनकम टैक्स रिटर्न भरने से पहले Form 26AS और Form 16/16A से इनकम मिलाने के लिए कहा जाता है।

समय पर ITR न भरना: टैक्सपेयर्स द्वारा समय पर ITR न भरने के कारण भी इनकम टैक्स का नोटिस आ जाता है। इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए आखिरी मिनट का इंतजार नहीं करना चाहिए। समय पर ITR न भरने के कारण भी इनकम टैक्स का नोटिस आ जाता है। इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए आखिरी मिनट का इंतजार नहीं करना चाहिए। इससे ना केवल पेनल्टी लगती है बल्कि टैक्सपेयर्स कई फायदों से वंचित रह जाते हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 परमानेंट नौकरियों को कॉन्ट्रैक्ट में तब्दील कर सकती हैं कंपनियां, मोदी सरकार ने नए कानून में दी छूट
2 Awaas App के जरिए पीएम आवास योजना ग्रामीण का स्टेटस कर सकते हैं चेक, जानें क्या है तरीका
3 मैन्युफैक्चरिंग ऐक्टविटी में 8 सालों का सबसे बड़ा उछाल, कोरोना के कहर से अर्थव्यवस्था की रिकवरी के संकेत
Padma Awards List
X