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दो लाख से ऊपर के नकद लेनदेन पर आयकर विभाग की पैनी नजर, कहा- जो लेगा उसे देना होगा उतना ही जुर्माना

कर विभाग ने प्रमुख दैनिक अखबारों में प्रकाशित विज्ञापनों में कहा है कि धारा 269एसटी का उल्लंघन करने पर नकद राशि प्राप्त करने वाले पर इतनी ही राशि के बराबर जुर्माना लगेगा।

Author June 2, 2017 9:16 PM
सरकार ने एक अप्रैल 2017 से दो लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन पर रोक लगा दी है। (Image Source: Reuters)

आयकर विभाग ने शुक्रवार (2 जून) को लोगों को दो लाख रुपये से अधिक का नकद लेनदेन करने के प्रति आगाह किया। विभाग ने कहा कि इस तरह के लेनदेन में जिस व्यक्ति को नकद राशि प्राप्त होगी, उसे उतना ही जुर्माना देना होगा। इसके अलावा विभाग ने लोगों से कहा है कि उन्हें यदि इस तरह के लेनदेन की जानकारी मिलती है तो वे इसका ब्योरा ‘blackmoneyinfo@incometax.gov.in’ पर भेज सकते हैं।

सरकार ने वित्त अधिनियम, 2017 के तहत एक अप्रैल, 2017 से दो लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन पर रोक लगा दी है। आयकर कानून में नई शामिल 269एसटी धारा एक दिन में इतने नकद लेनदेन पर रोक लगाती है। यह किसी एक व्यक्ति द्वारा एक मामले में दो लाख रुपये से अधिक के लेनदेन पर प्रतिबंध लगाती है।

कर विभाग ने प्रमुख दैनिक अखबारों में प्रकाशित विज्ञापनों में कहा है कि धारा 269एसटी का उल्लंघन करने पर नकद राशि प्राप्त करने वाले पर इतनी ही राशि के बराबर जुर्माना लगेगा। वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तीन लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन पर रोक लगाने का प्रस्ताव किया था। वित्त विधेयक में संशोधन के तहत इस सीमा को कम कर दो लाख रुपये कर दिया गया। वित्त विधेयक लोकसभा में मार्च में पारित हुआ।

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कर विभाग ने कहा है कि यह अंकुश सरकार की किसी प्राप्ति, बैंकिंग कंपनी, डाकघर बचत बैंक या सहकारी बैंक पर लागू नहीं होगा। एक निश्चित सीमा से अधिक के नकद लेनदेन पर प्रतिबंध का मकसद कालेधन पर अंकुश लगाना है। कर विभाग ने पिछले साल नोटबंदी के बाद दिसंबर में यह ईमेल पता शुरू किया था, जिस पर दो लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन की सूचना दी जा सकती है।

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