इन तरीकों से हो रही है इनकम तो भारत में नहीं देना होगा कोई टैक्स

भारत में कुछ प्रकार के इनकम को टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है। यदि आपको भी इन स्रोतों से इनकम हो रही है तो आप भी टैक्स से छूट का लाभ उठा सकते हैं।

Tax Free Income
आयकर नियमों के तहत कुछ स्रोतों से प्राप्त आय को टैक्स से छूट दी गई है। (Source: PTI Photo)

भारत में इनकम टैक्स (Income Tax) से कुछ मामलों में छूट का प्रावधान किया गया है। इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी (80C) से लेकर 80यू (80U) तक विभिन्न कटौतियों की व्यवस्था की गई है। कर योग्य वाले लोग इन प्रावधानों का इस्तेमाल कर अधिक से अधिक आय को करमुक्त करने के प्रयास में जुटे रहते हैं। ऐसे में आपको यह बताया जाए कि कुछ तरीकों से होने वाली इनकम (Tax Free Income) पर भारत में टैक्स लगता ही नहीं है, तो आपको हैरानी हो सकती है। हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि अपने देश में किन इनकम को टैक्स से छूट प्राप्त है।

कृषि से प्राप्त इनकम (Agricultural Income)

टैक्सफ्री इनकम की बात करें तो सबसे पहला नंबर आता है कृषि से हो रही आय का। भारत में कृषि से प्राप्त इनकम पर टैक्स नहीं लगता है। हालांकि यदि आपको कृषि के अलावा अन्य स्रोतों से भी इनकम हो रही है, तब इस स्थिति में कृषि से प्राप्त इनकम का इस्तेमाल टैक्स स्लैब तय करने के लिए किया जाएगा। इस स्थिति में भी टैक्स सिर्फ अन्य स्रोतों से प्राप्त इनकम पर ही लगता है। यहां सबसे जरूरी बात यह है कि टैक्सफ्री होने के बाद भी आपको कृषि से इनकम और खर्च का रिकॉर्ड रखना पड़ता है। इस इनकम को आईटीआर में दिखाना आपके लिए बेहतर रहता है।

स्कॉलरशिप (Scholarship) से मिले पैसे

आपको शायद यह नहीं पता हो कि स्कॉलरशिप को भी इनकम में गिना जाता है। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 56 (ii) के तहत स्कॉलरशिप से मिले पैसे को टैक्स से छूट प्राप्त है।

वीरता पुरस्कार (Gallantry Award) प्राप्त लोगों के पेंशन

भारत सरकार के विभिन्न वीरता पुरस्कार से सम्मानिक लोगों के पेंशन पर भी टैक्स नहीं लगता है। परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र जैसे वीरता पुरस्कार पाने वाले लोगों के पेंशन के साथ ही फैमिली पेंशन को भी टैक्सफ्री रखा गया है।

50 हजार तक के गिफ्ट

आयकर नियमों के तहत महंगे गिफ्ट पर टैक्स लगता है। 2017 में गिफ्ट से संबंधित इनकम टैक्स प्रावधानों में संशोधन के बाद यह तय किया गया है कि महंगे गिफ्ट पर लाभुक को टैक्स देना होगा। गिफ्ट में आपको कैश मिला हो या चेक, ड्राफ्ट, चल-अचल संपत्ति, आपको इन्हें आईटीआर में इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज में दिखाना पड़ता है। हालांकि यदि गिफ्ट की वैल्यू 50 हजार या इससे कम है तो आपको टैक्स से छूट मिल जाती है।

विशेष मौके पर मिले गिफ्ट (Gift on Special Occasions)

विवाह या सालगिरह जैसे विशेष मौकों पर आपको मिलने वाले सारे गिफ्ट टैक्सफ्री होते हैं। इसी तरह परिवार के सदस्य से मिलने वाले सारे गिफ्ट भी टैक्सफ्री होते हैं।

सैलरी के कुछ पार्ट (Salary Components)

सामान्य तौर पर सैलरी पर रकम के हिसाब से टैक्स लगता है। हालांकि सैलरी के कुछ ऐसे कंपोनेंट होते हैं, जो टैक्सफ्री होते हैं। उदाहरण के लिए ट्रांसपोर्टेशन एलॉवेंस, लंच वाउचर, मोबाइल फोन या इंटरनेट बिल के लिए भुगतान, किताब व पत्रिका खरीदने के लिए मिलने वाला हिस्सा आदि जैसे भत्ते टैक्सफ्री होते हैं।

रिवर्स मोर्टगेज स्कीम (Reverse Mortgage Scheme)

आम तौर पर कोई संपत्ति आप बेचते हैं या किसी के नाम ट्रांसफर करते हैं तो इसपर आपको कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है। वरिष्ठ नागरिकों को इस टैक्स से छूट प्राप्त है। इसके अलावा यदि 62 साल या इससे अधिक उम्र के करदाता किसी संपत्ति पर लोन लेते हैं, तो यह भी टैक्सफ्री होता है।

प्रोविडेंट फंड (PF)

अगर आपका पीएफ कटते हुए पांच साल पूरे हो गए हैं तो यह भी आपको टैक्सफ्री रिटर्न देता है। इस पांच साल के दौरान आपने भले ही अलग-अलग कंपनियों में काम किया है, आपको टैक्सफ्री रिटर्न का लाभ मिलता है। पांच साल से पहले पीएफ निकालने पर आपको 10 प्रतिशत की दर से टीडीएस देना पड़ता है।

इसे भी पढ़ें: चार साल में 72% बढ़ गई ब्रांड धोनी की वैल्यू, कार्स24 से लेकर होमलेन तक में है निवेश

ग्रेच्युटी (Gratuity)

सरकारी कर्मचारी को मिलने वाली ग्रेच्युटी पूरी तरह से टैक्सफ्री होती है। सरकारी कर्मचारी की मौत की स्थिति हो या रिटायरमेंट की, ग्रेच्युटी की राशि टैक्सफ्री ही रहती है। प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए यह छूट शर्तों के साथ मिलती है। प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को 10 लाख तक की ग्रेच्युटी पर ही टैक्स से छूट मिलती है।

पढें व्यापार समाचार (Business News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट