ईरान-इजरायल युद्ध के चलते ग्लोबल तेल बाजार में उथल-पुथल देखने को मिली है, जिसका सीधा असर कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ा है। 23 फरवरी 2026 तक जहां ईंधन की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर थीं, वहीं युद्ध शुरू होने के बाद सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई। इसका नतीजा यह हुआ कि 23 फरवरी से 16 मार्च 2026 के बीच कई देशों में ईंधन के दामों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा असर उन देशों पर पड़ा है जो कच्चे तेल के आयात पर निर्भर हैं। इन देशों में लागत बढ़ने के कारण पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से ऊपर गए। कुछ जगहों पर तो कीमतों में 20% से लेकर 40% तक का उछाल देखा गया है।
इन देशों में हुई पेट्रोल के भाव में 40% तक बढ़ोतरी
globalpetrolprices के मुताबिक, नाइजीरिया में पेट्रोल के भाव में 39.5% तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके अलावा, लाओस में 32.9%, वियतनाम में 31.8% और ऑस्ट्रेलिया में 31.8% की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
पाकिस्तान में पेट्रोल के भाव में 20% से ज्यादा का उछाल
पाकिस्तान में पेट्रोल के भाव में 20% से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके अलावा, जर्मनी में पेट्रोल की कीमतों में 14.9% का बड़ा उछाल दर्ज किया है। वही, चीन में भी पेट्रोल की कीमतों में 10.0% बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।
भारत में नहीं बढ़े रेट
पेट्रोल की कीमत में भारत में बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली है। भारत के अलावा, नेपाल, माली, केन्या, ब्राजील में पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
नीचे 23 फरवरी से 16 मार्च 2026 के बीच विभिन्न देशों में पेट्रोल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी (%) की लिस्ट दी गई है:
| क्रमांक | देश | (%) |
| 1 | नाइजीरिया | 39.5% |
| 2 | लाओस | 32.9% |
| 3 | वियतनाम | 31.8% |
| 4 | ऑस्ट्रेलिया | 31.8% |
| 5 | फिलीपींस | 28.80% |
| 6 | पेरू | 27.80% |
| 7 | पाकिस्तान | 24.40% |
| 8 | अमेरिका | 23.60% |
| 9 | सिंगापुर | 20.50% |
| 10 | भारत | 0.00% |
सोर्स – Global Petrol Prices
कैसे तय होती है पेट्रोल की कीमतें?
पेट्रोल की कीमतें दो मुख्य चीजों पर निर्भर करतीं हैं। एक अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमत और दूसरा सरकारी टैक्स। सरकार का क्रूड ऑयल के रेट पर कोई नियंत्रण नहीं है, लेकिन टैक्स सरकार अपने स्तर से घटा-बढ़ा सकती है। मतलब जरूरत पड़ने पर सरकार टैक्स कम कर बढ़े दाम से कुछ हद तक जनता को फायदा पहुंचा सकती है।
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पश्चिमी एशिया में बुधवार को तनाव बढ़ गया। इसके चलते जब गुरुवार को जब बाजार खुला, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।
बुधवार शाम को ब्रेंट क्रूड ऑयल वायदा की कीमतों में उछाल आया और 18 मार्च 2026 के कारोबारी सत्र के दौरान यह 111.90 डॉलर प्रति बैरल के हाई लेवल पर पहुंच गया। यहां पढ़ें पूरी खबर…
