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Agustawestland Scam: सोनिया का पीएम पर हमला, कहा- मोदी सरकार के गिनती के दिन

मोदी सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कांग्रेस सड़क पर उतरी। साथ ही कहा कि राजग सरकार ने बेबुनियाद आरोपों का अभियान छेड़ रखा है।

Author नई दिल्ली | May 7, 2016 1:27 AM
मोदी सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कांग्रेस सड़क पर उतरी।

मोदी सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कांग्रेस सड़क पर उतरी। साथ ही कहा कि राजग सरकार ने बेबुनियाद आरोपों का अभियान छेड़ रखा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और शीर्ष नेताओं की अगुआई पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की। संसद की ओर मार्च करते हुए पार्टी के बड़े नेताओं ने गिरफ्तारियां दीं।

कांग्रेस प्रमुख के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ पार्टी नेताओं को गिरफ्तार किया गया। सोनिया ने आगाह किया कि जिस तरह सरकार काम कर रही है, उसके दिन गिनती के हैं। जंतर मंतर पर पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैली में कहा, ‘हमें डराने-धमकाने या बदनाम करने की कोशिश न करें। जिंदगी ने मुझे संघर्ष करना सिखाया है। हमने ढेर सारी चुनौतियों का सामना किया है। वे नहीं जानते कि हम किस चीज के बने हैं। कांग्रेस संसद के अंदर और बाहर पूरी ताकत के साथ एक सतर्क विपक्ष की भूमिका निभाएगी।

कांग्रेस के लोग मोदी सरकार को बेनकाब करें। उन्हें अच्छी तरह से यह बात समझनी चाहिए कि जब मामला बर्दाश्त से बाहर हो जाता है तो हिंदुस्तान के लोग जानते हैं कि उन्हें कैसे सबक सिखाना है। मोदी सरकार जिस तरह जनादेश के साथ खिलवाड़ कर रही है, ऐसा लगता है कि उसके दिन गिनती के हैं’।
संसद भवन की ओर जाने के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, लोकसभा में पार्टी नेता मलिकार्जुन खडगे और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गिरफ्तारी दी। इसके बाद भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोका। गिरफ्तारी देने वाले नेताओं को कुछ समय बाद छोड़ दिया गया था।

रैली में मनमोहन सिंह और राहुल गांधी ने भी अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कांग्रेस सरकारों को गिराने के मुद्दे पर मोदी सरकार पर हमले किए। अगस्ता वेस्टलैंड विवाद के मद्देनजर कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘लेकिन मैं उन्हें बताना चाहूंगी कि वे कांग्रेस को एक कमजोर ताकत मानने की गलती नहीं करें। कांग्रेस कभी नाइंसाफी के सामने झुकने नहीं जा रही है। हम आने वाले दिनों में, संसद के अंदर और बाहर भी पूरे जोर-शोर से एक सतर्क विपक्ष की भूमिका निभाएंगे और नाइंसाफी से लड़ेंगे’।

सोनिया ने कहा कि जिस तरह केंद्र ने अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड में धनबल और बाहुबल से कांग्रेस सरकारों को गिराया है उसने न सिर्फ लोकतंत्र की नींव हिला दी है, बल्कि उसकी हत्या की है। अल्पसंख्यक डर के माहौल में रह रहे हैं और पंचायती राज संस्थाओं के कानूनों में तब्दीली कर दलितों, महिलाओं और आदिवासियों के साथ अन्याय किया जा रहा है।सोनिया गांधी ने संघ का नाम लिए बगैर संघ परिवार पर हमले किए और आरोप लगाया कि नागपुर से मोदी सरकार का रिमोट कंट्रोल किया जा रहा है।
वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि कांग्रेस भारत की आत्मा है। सिंह ने यह भी अंदेशा जताया कि मोदी सरकार मणिपुर, मिजोरम, मेघालय और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के नेतृत्व वाली निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस गंगा की तरह है। चाहे जो भी झूठे आरोप लगाए जाएं, यह अपनी राह से नहीं डिगेगी’।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘वे किसी को भी राष्ट्रविरोधी घोषित कर देते हैं। उनसे जो सहमत नहीं होता उन्हें निशाना बनाया जाता है। भाजपा पिछले दो साल में अपनी नाकामी से लोगों का ध्यान हटाने के लिए विपक्षी पार्टियों पर अनर्गल आरोप लगा रही है। यह झूठ बोल कर अफवाहें फैलाने और चरित्र हनन करने की उनकी पुरानी रणनीति है’।

सोनिया ने महंगाई का मुद्दा भी बुलंद किया और कहा कि इससे सबसे ज्यादा महिलाएं और गरीब प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘उन्होंने झूठे सपने दिखा कर सत्ता हासिल की है। और सत्ता हासिल करने के बाद, उनकी सत्ता की भूख बढ़ती ही जा रही है। और यह उन्हें कांग्रेस सरकारों को गिराने तक ले गई’। उन्होंने यह भी आरोप लगाए कि अल्पसंख्यकों के जेहन में खौफ पैदा किया जा रहा है और समाज को धर्म, भाषा और क्षेत्रों के आधार पर बांटा जा रहा है जबकि छात्रों के साथ नाइंसाफी की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत पर हमला करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘देश में सिर्फ दो लोगों का ही आदेश चलता है और जो उनके खिलाफ खड़ा होता है, उनपर झूठे आरोप लगाकर उन्हें निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि देश का लगभग 40 फीसद हिस्सा सूखे जैसे हालात का सामना कर रहा है और 50 किसान हर रोज आत्महत्या कर रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना है’।

लोकतंत्र बनाम परिवार
रैली स्थल पर कांग्रेस के लोकतंत्र बचाओ पोस्टर में सोनिया और राहुल गांधी के साथ राबर्ट वाड्रा की तस्वीर चर्चा में रही। आलोचकों ने कहा कि यह रैली लोकतंत्र नहीं परिवार को बचाने के लिए थी। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘अगर भ्रष्टाचार के किसी मामले की ईमानदारी से जांच हो रही है तो यह कैसे राष्ट्रविरोधी हो सकता है? लड़ाई आपके (गांधी) परिवार से नहीं बल्कि भ्रष्टाचार से है। कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि भ्रष्टाचार के सभी मामले आपसे क्यों जुड़ते हैं? भ्रष्टाचार के बहुत सारे मामले कांग्रेस सरकार का मानदंड बन गए हैं। आज का मार्च परिवार बचाओ अभियान था।

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