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IMF ने जीएसटी को बताया महत्वपूर्ण सुधार, कहा- इससे होगी आठ फीसदी से ज्यादा आर्थिक वृद्धि

वित्त वर्ष 2016-17 के लिए जनवरी में आईएमएफ ने भारत की ग्रोथ रेट का अनुमान 1 प्रतिशत घटा दिया था, जो चीन की 6.7 प्रतिशत के ग्रोथ रेट के अनुमान से कम था।

Author April 28, 2017 13:45 pm
आईएमएफ ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ता आर्थिक बाजार है। (PTI)

वैश्विक आर्थिक स्थिति पर नजर रखने वाली संस्था अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा कि एक जुलाई से लागू होने वाले महत्वाकांक्षी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से भारत की मध्यावधि वृद्धि के आठ फीसदी से अधिक तक जाने में मदद मिलेगी। साथ ही कर प्रणाली में किए जा रहे इस सुधार के भविष्य में उच्च वृद्धि के लिहाज से फायदेमंद साबित होने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के उप प्रबंध निदेशक ताओ झांग ने कहा, ‘‘सरकार ने महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों पर अहम प्रगति की है जिससे आगे मजबूत और सतत वृद्धि में सहायता मिलेगी।’’

आईएमएफ अधिकारी ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि जुलाई से लागू किए जाने वाले वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से भारत की मध्यावधि वृद्धि को आठ फीसदी से अधिक तक ले जाने में मदद मिलेगी क्योंकि इससे भारत के सभी राज्यों में उत्पादन और वस्तुओं एवं सेवाओं की आवाजाही बढ़ेगी।’’

भारत सरकार द्वारा उठाए जा रहे सुधारों पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘हम किए जा रहे काम से काफी प्रभावित हैं और हम उम्मीद करते हैं कि यह भविष्य में उच्च वृद्धि के लिहाज से फायदेमंद साबित हों।’’

झांग ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ता आर्थिक बाजार है। उन्होंने कहा कि आईएमएफ का मानना है कि भारत का वित्त वर्ष 2016-17 में 6.8 फीसदी और 2017-18 में 7.2 फीसदी अनुमानित वृद्धि दर के साथ तेजी से आगे बढ़ना जारी रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘मुद्रा विनिमय के कदम से आर्थिक गतिविधि की गति में कमी आई है।’’ हालांकि उन्होंने कहा कि शुरूआती तौर पर सुधार होने के संकेत मिले हैं क्योंकि मुद्रा विनिमय में सही तरीके से प्रगति हो रही है।’’

इससे पहले आईएमएफ ने अपने सालाना वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक में कहा था कि भारत की ग्रोथ 2017-18 के लिए 7.2 प्रतिशत और उसके अगले वित्त वर्ष में 7.7 प्रतिशत हो जाएगी। नोटबंदी से पहले आईएमएफ ने पिछले वित्त वर्ष में भारत की विकास दर का अनुमान 6.8 प्रतिशत का लगाया था, जिसे नोटबंदी के बाद जनवरी में घटाकर उसने 6.6 प्रतिशत कर दिया था।

वित्त वर्ष 2016-17 के लिए जनवरी में आईएमएफ ने भारत की ग्रोथ रेट का अनुमान 1 प्रतिशत घटा दिया था, जो चीन की 6.7 प्रतिशत के ग्रोथ रेट के अनुमान से कम था। आईएमएफ ने इसकी वजह नोटबंदी के कारण नकदी की कमी से हुई नाकारात्मक खपत और भुगतान में होने वाली परेशानियों को बताया था।

देखिए वीडियो - वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की पांचवी जीएसटी काउंसिल बैठक की अध्यक्षता

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