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अगर आपके पास हैं कई बैंक खाते तो इन्हें बंद करने की है जरुरत, वरना होगा नुकसान

ज्यादातार बचत खातों में मिनिमम बैलेंस का नियम लागू है। अगर आप चाहते हैं कि आपका खाता सुचारू रूप से चलता रहे तो आपको बैंक की ओर से तय न्यूनतम राशि अपने खाते में रखनी होगी।

बचत खाता रखने वालों को अकाउंट में मंथली एवरेज बैलेंस रखना होगा। (Representative Image)

बहुत से लोग कई वजहों से एक से अधिक खाते चलाते हैं. कुछ मामलों में यह आइडिया अच्छा भी साबित हो सकता है, अगर आप बिजनेसमैन और आपका ट्रांजेक्शन बहुत अधिक है। हालांकि अगर आप सैलरी वाले कर्मचारी है तो मल्टीपल अकाउंट्स (एक से अधिक खाते) है तो आपके दिक्कत खड़ी हो सकती है। खासकर बैंकों द्वारा ट्रांजेक्शन और मेंटिनेंस चार्जेस बढ़ाए जाने के बाद से। यहां हम कुछ महत्वपूर्ण कारणों पर एक नजर डाल रहे हैं कि जिससे आपको जानने में मदद की मिलेगी कि पुराने खातों या सरप्लस बैंक अकाउंट्स को बंद करने की जरुरत क्यों हैं।

1)- मिनिमम बैलेंस
ज्यादातार बचत खातों में मिनिमम बैलेंस का नियम लागू है। अगर आप चाहते हैं कि आपका खाता सुचारू रूप से चलता रहे तो आपको बैंक की ओर से तय न्यूनतम राशि अपने खाते में रखनी होगी। शहरी क्षेत्रों में बैंकों में मिनिमम बैलेंस की लिमिट अधिकतम 25000 रुपए और बाकी 5 से 10 हजार के बीच है। इसका अर्थ यह हुआ है कि अगर आपके पास एक से ज्यादा अकाउंट हैं तो आपको उसे रखरखाव के लिए उतना ही ज्यादा पैसा खर्च करना होगा। उदाहरण के तौर पर अगर आपके पास 5 अकाउंट है तो उसके लिए आपको 25000 रुपए की जरुरत होगी।

2)- बैंक द्वारा लिए वसूले जाने वाले चार्जेस के बारे में रहे सतर्क
ज्यादातर बचत खाते मुफ्त नहीं हैं। इस वजह से आपको डेबिट कार्ड, एसएमएस अलर्ट, एटीएम आदि इस्तेमाल करने पर टैक्स देना होता है। यहां तक कि अगर आपके अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं तो अभी चार्जेस देना होता है। इस लिहाज से जितने ज्यादा अकाउंट आपके पास होंगे उतने ज्यादा पैसे चार्ज के रूप में आपको भरने होंगे। किसी तरह की अनियिमितता आने पर आपका क्रेडिट स्कोर खराब होगा।

3)- नकदी का अप्रभावी उपयोग
जब आपके पास एक से ज्यादा खाते होंगे तो आपको उनको बनाए रखने के लिए सभी खातों में एक मिनिमम अमाउंट हमेशा रखना होगा। इस लिहाज से ज्यादातर पैसा खाते के मेंटिनेंस पर खर्च हो जाएगा। इसी पैसे का उपयोग आप लाभकारी योजनाओं में जैसे म्युचूअल फंड्स, एफडी इत्यादि में करके ज्यादा लाभ कमा सकते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि आपका जो पैसे खाते में जमा है, उससे आपको बहुत कम फायदा मिल रहा है और पैसा भी ब्लॉक है।

4)- टैक्स फाइलिंग में दिक्कत
अधिक ब्याज और इनकम जेनरेटिंग अकाउंट होने के चलते इनकम टैक्स फाइल करते समय आपकी कागजी कार्रवाई बढ़ जाती है। आईटी रिटर्न फाइल करने वक्त इतने खातों की जानकारी रखना और स्टेटमेंट इकट्ठा करना बोझिल काम होता है। ऐसे में सभी निवेश और खर्च आदि का ब्योरा देना कठिन हो जाता है।

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