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गैस सब्सिडी चाहिए और आधार डेटा भी करना है डिलिंक? उठाएं यह कदम

देश के 24 करोड़ ग्राहकों के लगभग 15 प्रतिशत पहले से ही एनईएफटी के माध्यम से भुगतान प्राप्त करते हैं क्योंकि उन्होंने अभी तक अपने बैंक खातों को आधार से नहीं जोड़ा है।

तेल कंपनियां दोनों पेमेंट सिस्टम में समान ट्रांजेक्शन चार्ज लेती हैं। ग्राहक आसानी से एनईएफटी में सिफ्ट हो सकते हैं।

तेल कंपनियों के मुताबिक बायोमेट्रिक पहचान पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अपने बैंक खाते से आधार को डिलिंक कराने वाले घरेलू गैस यूजर्स को अगर सब्सिडी लेनी होगी तो तेल कंपनियों को फिर से अपने बैंक खाते की डिटेल्स देनी होंगी। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बैंक खाते को आधार से लिंक कराना जरूरी नहीं है। वहीं सब्सिडी लेने के लिए आधार जरूरी है। सब्सिडी लेने के लिए ग्राहक को अपना आधार विवरण तेल कंपनी को जमा करना होगा जो उसके उपभोक्ता की आईडी से जुड़ा होगा। इसका मतलब यह हुआ कि अगर कोई व्यक्ति अपने बैंक खाते से आधार को डिलिंक करा देता है और अपनी डिलेट्स गैस कंपनी को नहीं देता है तो उसे सब्सिडी नहीं मिलेगी। आधार भुगतान पेमेंट के तहत, सब्सिडी सीधे ग्राहक के आधार से जुड़े बैंक खाते में जाती है, जिसमें तेल कंपनी के साथ ग्राहक के बैंक खाते के विवरण जानने की आवश्यकता नहीं होती है। बैंक खाते से आधार को डिलिंक करके, ग्राहक इस पेमेंट सिस्टम को रोकता है।

तेल कंपनी के एक कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि वह तेल कंपनी को अपने बैंक खाते का ब्योरा देकर घरेलू गैस सब्सिडी का फायदा उठाया जा सकता है। इस तरह पैसा एनईएफटी और नेशनल इलेक्ट्रोनिक फंड ट्रांसफर के माध्यम से सीधे ग्राहक के खाते में जाएगा। देश के 24 करोड़ ग्राहकों के लगभग 15 प्रतिशत पहले से ही एनईएफटी के माध्यम से भुगतान प्राप्त करते हैं क्योंकि उन्होंने अभी तक अपने बैंक खातों को आधार से नहीं जोड़ा है। वे सब्सिडी के लिए पात्र हैं क्योंकि उन्होंने अपने संबंधित उपभोक्ता आईडी से जोड़ने के लिए तेल कंपनियों को आधार दिया है।

तेल कंपनियां दोनों पेमेंट सिस्टम में समान ट्रांजेक्शन चार्ज लेती हैं। ग्राहक आसानी से एनईएफटी में सिफ्ट हो सकते हैं। हालांकि, ग्राहकों को कंपनियों को फिर से अपना खाता विवरण जमा करना होगा। आधार सरकार की सीधी नकदी ट्रांसफर योजना के लिए सेंटर में रहा है। आधार के माध्यम से एक उपभोक्ता को एक से ज्यादा सब्सिडी कनेक्शन रखने वालों की पहचान करने में मदद करता है। अधिकारियों ने कहा कि आधार उपभोक्ता डेटा की पुष्टि करने का आसान और तेज़ तरीका सक्षम है।

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