किराये के घर में रहते हैं तो टैक्स बचाने के लिए आईटीआर फाइल करते समय जरूर करें ये काम

किराये के घर में रहने वाले वेतनभोगी लोग आईटीआर भरते समय कुछ बातों को ध्यान में रखकर टैक्स से छूट का लाभ उठा सकते हैं। एचआरए पर टैक्स से छूट का आयकर नियमों में प्रावधान किया गया है।

HRA Tax Exemption
आयकर नियमों में एचआरए पर टैक्स से छूट के प्रावधान हैं। (Express Photo)

नौकरी-पेशा वाले लोगों की एक बड़ी संख्या किराये के घरों (Rented House) में रहती है। यदि आप भी इस श्रेणी में हैं तो कुछ बातों पर ध्यान देकर टैक्स की बचत (Tax Saving) कर सकते हैं। यह फायदा उठाने के लिए आईटीआर (ITR) भरते समय कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है। आइए जानते हैं कि किस तरह से आयकर नियम किराये पर कर से छूट (Tax Exemption on HRA) की सुविधा देते हैं।

Old Tax Regime में मिलता है यह लाभ

यह लाभ उठाने के लिए सबसे जरूरी बात है कि आपने वित्त वर्ष 2020-21 में पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) को चुना हो। अगर आपने नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) को चुना है, तो भी आप इस छूट का फायदा उठा सकते हैं, लेकिन इस स्थिति में अधिक मशक्कत की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा दूसरी जरूरी बात यह है कि आपकी सैलरी में हाउस रेंट एलॉवेंस (HRA) का कंपोनेंट होना चाहिए। हालांकि एचआरए कंपोनेंट लगभग हर किसी की सैलरी में रहता ही है।

किराये के लिए ये सबूत जरूरी

एचआरए पर टैक्स से छूट का लाभ उठाने के लिए आपको अपनी कंपनी (एम्पलॉयर) को किराये का सबूत देना होगा। इस सबूत के लिए रेंट की रसीद या रेंट एग्रीमेंट दिया जा सकता है। ऐसा करने से आपको जितनी राशि पर टैक्स से छूट मिल सकती है, वह फॉर्म 16 में आ जाएगा।

New Tax Regime चुन चुके करदाताओं को करना होगा यह काम

नई कर व्यवस्था को चुनने वाले करदाताओं को फॉर्म 16 (Form 16) वाली सहूलियत नहीं मिल पाएगी। आयकर नियमों (IT Act) में यह प्रावधान है कि करदाता (Taxpayer) आयकर भरते समय पुरानी या नई कर व्यवस्था में किसी एक को चुन सकते हैं। करदाता पहले से चुने गए ऑप्शन को इस समय बदल भी सकते हैं। अत: नई कर व्यवस्था को चुन चुके करदाताओं को आईटीआर भरते समय इसे बदलना होगा। इसके बाद आपको खुद ही यह कलकुलेट करना पड़ेगा कि कितनी राशि पर टैक्स से छूट मिल सकती है। यह बहुत मुश्किल भी नहीं है। आप इसे अपने सैलरी स्लिप में एचआरए की राशि देखकर कलकुलेट कर सकते हैं।

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ऐसे निकालें HRA का टैक्सफ्री हिस्सा

मान लीजिए कि आपकी पूरी सैलरी में बेसिक कंपोनेंट (Basic Salary) 50 हजार और एचआरए 20 हजार है। इस मामले में आपको पूरे साल में एचआरए के तौर पर 2.4 लाख रुपये मिलेंगे। अब मान लेते हैं कि आप हर महीने 15 हजार किराया दे रहे हैं। आपको यह कलकुलेट करना होगा कि बेसिक सैलरी के 10 प्रतिशत से कितनी अधिक राशि आपने किराये के तौर पर दिया है। इस स्थिति में साल भर में बेसिक सैलरी का 10 प्रतिशत 60 हजार रुपये होता है। आपने साल भर में किराया दिया 1.80 लाख रुपये। कुल किराये में बेसिक सैलरी के 10 प्रतिशत को घटाने पर 1.20 लाख रुपये आता है। आप इस राशि पर एचआरए के तहत टैक्स से छूट का दावा कर सकते हैं।

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