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शॉपिंग के लिए तुरंत 20 हजार रुपये देगा ICICI बैंक, बाद में चुका सकते हैं रकम

एक बार जब कोई ग्राहक क्रेडिट लिमिट का उपयोग कर लेता है, तो अगले महीने की पहली तारीख को एक बिल बनता है। इस बिल को उसी महीने की 15 तारीख तक जमा करना होता है।

शॉपिंग के लिए तुरंत 20 हजार रुपये ICICI बैंक देगा। (Photo: REUTERS)

यदि आप दिवाली सेल के दौरान फिल्पकार्ट और अमेजन से शॉपिंग कर रहे हैं और पैसे खत्म हो गए तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। आईसीआईसीआई ने इस समस्या को दूर करने के लिए इंस्टेंट डिजिटल क्रेडिट सुविधा ‘पे-लैटर’ पेश किया है। इस सुविधा के तहत ग्राहक तुरंत डिजिटल तरीके से सामान खरीद सकते हैं। यूपीआई का उपयोग कर भुगतान कर डिजिटल क्रेडिट बढ़ाने के लिए भीम यूपीआई 2.0 टेक्नोलॉजी को और अधिक विकसित की गई है। ‘पे-लैटर’ का लक्ष्य युवाओं और लाखों ग्राहकों को त्योहार के मौसम में सामान की खरीदारी के दौरान सुविधा प्रदान करना है।

इस सुविधा के तहत प्री-एप्रूवड और योग्य ग्राहक को उनकी योग्यता के आधार पर 20 हजार रुपये तक का क्रेडिट मिल सकता है। ग्राहक इन पैसों का उपयोग कर ई-कामर्स साइट्स से ऑनलानइ शॉपिंग कर सकते हैं। ग्राहक मनोरंजन, ट्रेवल, आवास बुकिंग सहित कई सुविधाओं का लाभ 24*7 ले सकते हैं। इसके साथ ही दुकान पर भी यूपीआई प्लेटफार्म का उपयोग कर पे-लैटर के माध्यम से पेमेंट कर सकते हैं।

ग्राहकों के क्रेडिट मूल्यांकन के लिए, ‘पे-लैटर’ आईसीआईसीआई बैंक के नए बिग डेटा आधारित एल्गोरिदम का उपयोग करेगा। इस डाटा का प्रयोग ग्राहक के क्रेडिट-योग्यता का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसके लिए क्रेडिट ब्यूरो चेक, बैलेंस पैटर्न, बैंक के साथ अन्य दूसरी चीजों का उपयोग किया जाता है। इसके बाद ग्राहकों की योग्यता को देखते हुए बैंक 5000 रुपये से लेकर 20000 रुपये तक का 45 दिनों के लिए ब्याजरहित क्रेडिट लिमिट मुहैया करवाती है।

एक बार जब कोई ग्राहक क्रेडिट लिमिट का उपयोग कर लेता है, तो अगले महीने की पहली तारीख को एक बिल बनता है। इस बिल को उसी महीने की 15 तारीख तक जमा करना होता है। यदि 15 तारीख तक बिल जमा नहीं होता है तो उसके बाद उक्त राशि पर ब्याज लगनी शुरू हो जाती है। ग्राहक ऑटो डेबिट सुविधा का भी उपयोग कर सकते हैं ताकि तय समय पर पैसा खुद ब खुद खाते से कट जाए। इससे ब्याज लगने का खतरा नहीं होता है। यद्यपि यह काफी लाभप्रद सुविधा है, लेकिन ग्राहक को हमेशा पेमेंट की तारीख को ध्यान में रखना चाहिए। पेमेंट लेट होने पर 50 रुपये फाइन के साथ कुल राशि पर 3 प्रतिशत प्रति महीने की दर से ब्याज भी लगता है।

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