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10 साल में जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ देगा भारत, चीन और अमेरिका के बाद होगी तीसरी बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था

भारत आने वाले एक दशक में जर्मनी और जापान जैसी बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं को पीछे छोड़ते हुए तीसरे स्‍थान पर आ जाएगा। वहीं, चीन अमेरिका को पछाड़ कर पहले स्‍थान पर काबिज हो जाएगा। HSBC ग्‍लोबल रिसर्च की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।

Author नई दिल्‍ली | October 22, 2018 4:15 PM
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फाइल फोटो)

आने वाले एक दशक में भारत दुनिया की शीर्ष तीन बड़ी आर्थिक शक्तियों में शुमार हो जाएगा। HSBC ग्‍लोबल रिसर्च की ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। भारत बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था के मामले में वर्ष 2030 तक जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ते हुए आगे निकल जाएगा। इस मामले में भारत फिलहाल पांचवें पायदान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक दशक में चीन का आर्थिक प्रभुत्‍व और बढ़ेगा। पड़ोसी देश अमेरिका को पछाड़ कर दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन जाएगा। HSBC ग्‍लोबल रिसर्च की ताजा रिपोर्ट में इस अवधि में यूरोपीय देशों को सबसे ज्‍यादा नुकसान होने की बात कही गई है।

डेनमार्क और नॉर्वे को सबसे ज्‍यादा नुकसान: HSBC ग्‍लोबल रिसर्च की रिपोर्ट में आने वाले दशक में यूरोपीय देशों डेनमार्क और नॉर्वे की मौजूदा आर्थिक स्थिति में सबसे ज्‍यादा गिरावट आने की बात कही गई है। डेनमार्क नौवें और नॉर्वे 10वें स्‍थान पर खिसक जाएगा। दूसरी तरफ, आर्थिक तरक्‍की के मामले में एशियाई देशों का प्रदर्शन विकसित अर्थव्‍यवस्‍थाओं की तुलना में कहीं बेहतर रहने की उम्‍मीद जताई गई है। आर्थिक प्रगति मे मामले में बांग्‍लादेश और फिलीपींस को आने वाले दशक में सबसे ज्‍यादा फायदा होने की बात कही गई है। ये दोनों देश कई विकसित अर्थव्‍यवस्‍थाओं को पछाड़ते हुए नया मुकाम हासिल कर सकते हैं।

युवा जनसंख्‍या का फायदा: भारत समेत एशिया के कई विकासशील देशों की आबादी में युवाओं की हिस्‍सेदारी बहुत ज्‍यादा है। HSBC ग्‍लोबल रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन देशों को कार्यशील आबादी में युवाओं की हिस्‍सेदारी का फायदा मिलेगा। विकसित देशों के हालात इससे उलट हैं। अमेरिका, जापान, जर्मनी समेत अनेक विकसित देशों की आबादी की औसत उम्र में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा असर अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, वैसे देश जहां प्रति व्‍यक्ति जीडीपी कम है, लेकिन जनसंख्‍या तुलनात्‍मक रूप से युवा है, उन देशों में विकास की रफ्तार अपेक्षाकृत ज्‍यादा रहेगी।

वैश्विक आर्थिक विकास रफ्तार पड़ेगी धीमी: HSBC ग्‍लोबल रिसर्च की रिपोर्ट में वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था की रफ्तार धीमी रहने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले एक दशक में वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था की विकास दर 3 फीसद से भी कम रहेगी। पिछले एक दशक में वैश्विक जीडीपी में विकासशील देशों की हिस्‍सेदारी तकरीबन 50 फीसद तक रही है। वहीं, आने वाले दशक में इसके 70 फीसद तक पहुंचने की उम्‍मीद जताई गई है।

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