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इन 5 बातों को ध्यान में रखकर करें फाइनैंशल प्लानिंग, रिटायरमेंट के बाद भी होती रहेगी मंथली इनकम

40 साल का होने का मतलब है कि आपको अपने फाइनेंस का अच्छी तरह जायजा लेने के साथ-साथ अपनी निवेश योजना पर फिर से काम करने की जरूरत है क्योंकि इस समय आप अपने कार्य जीवन के लगभग मध्य में होते हैं।
40 का होने तक आपको अपने कर्ज के बोझ को लगभग खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि अपने रिटायरमेंट के नजदीक पहुंचने पर ज्यादा जोखिम उठाने की स्थिति नहीं होती है।

आदिल शेट्टी

जब आप 40 के हो जाते हैं तब आपको अपने वित्तीय हालत का अच्छी तरह जायजा लेने के साथ-साथ अपनी निवेश योजना पर फिर से काम करना चाहिए क्योंकि इस समय आप अपने कार्य जीवन के लगभग बीच में होते हैं। 40 तक, आपको अपने फाइनैंशल उद्देश्यों और जिम्मेदारियों के बारे में साफ तौर पर पता चल जाता है। काम करने, बचत करने और निवेश करने के लिए आपके पास अभी भी 20-25 साल होते हैं, यदि आपने 20 की उम्र में काम करना शुरू किया है और 60 की उम्र में रिटायर होना चाहते हैं। यदि आप जल्द ही 40 के होने वाले हैं तो आपकी जोखिम प्रोफाइल बदल सकती है, और आपके फाइनैंशल उद्देश्यों में कुछ एडजस्टमेंट करना पड़ सकता है। तो चलिए, 40 की उम्र में कदम रखते समय अपने निवेशों की योजना बनाने के कुछ फायदेमंद तरीकों पर नजर करते हैं।

रिटायरमेंट फंड संबंधी टारगेट का जायजा लेने का समय
हो सकता है, आपने एक निश्चित उम्र में रिटायर होने की योजना बनाई हो और उस समय की महंगाई दर के आधार पर इसे योजनाबद्ध किया हो लेकिन जब तक आप 40 के होते हैं, तब तक महंगाई दर काफी बदल जाती है। मान लीजिए, आपका उद्देश्य 5% सालाना की दर से औसत महंगाई पर विचार करते हुए 50 लाख रुपए का फंड तैयार करना था। लेकिन, यह औसत महंगाई, असल में बदलकर लगभग 7% हो गई और इस तरह प्रत्याशित महंगाई दर की दृष्टि से पैसे का मूल्य 2% और कम हो गया। इसका मतलब है कि आपको अपने निवेश पोर्टफोलियो में
उपयुक्त बदलाव करके और बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार करने का टारगेट रखना चाहिए।

कर्ज खत्म करने की कोशिश
40 का होने तक आपको अपने कर्ज के बोझ को लगभग खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि अपने रिटायरमेंट के नजदीक पहुंचने पर ज्यादा जोखिम उठाने की स्थिति नहीं होती है। कर्ज का बोझ ज्यादा होने पर आपके लंबे समय के टारगेट पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। कर्ज पर लगने वाले ब्याज में अचानक बढ़ोत्तरी होने पर आपको अपना कर्ज चुकाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है और आप कर्ज के जाल में फंस सकते हैं।

फैमिली की जरूरत को ध्यान में रखते हुए निवेश करें
आपको इस उम्र में निवेश करने की योजना बनाते समय अपने परिवार के लोगों की जरूरतों पर विचार करना चाहिए। उदाहरण के लिए, आपके बच्चों को एक कंप्यूटर या बाइक की जरूरत हो सकती है या हो सकता है वे आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहते हों। आपको अपने परिवार की ऐसी जरूरतों का ख्याल रखना चाहिए। उसी हिसाब से अपेक्षित समयावधि में उपयुक्त रिटर्न पाने के लिए एक उपयुक्त साधन में निवेश करना चाहिए।

जोखिम उठाने की क्षमता में हुए बदलाव के आधार पर निवेश पोर्टफोलियो में बदलाव करें
40 की उम्र में आपकी जोखिम उठाने की क्षमता, 20 या 30 की तरह नहीं होगी। इस उम्र में, आप ज्यादा जोखिम उठाना नहीं चाहेंगे और अब तक तैयार किए गए फंड को एक जगह करने की कोशिश करेंगे। रिटायरमेंट की उम्र को ध्यान में रखते हुए, आप इस बात की जांच कर सकते हैं कि बचे हुए सालों के भीतर अपने टारगेट को पूरा करने के लिए मौजूदा निवेश पद्धति के अनुसार आपको कितने रिटर्न की जरूरत पड़ेगी। इस उम्र में, आपके लिए अपने रिटायरमेंट फंड को पूरा करने के लिए ज्यादा जोखिम उठाने के बजाय अपने निवेश को बढ़ाना बेहतर होता है।

रिटायरमेंट के बाद मंथली इनकम के पाने के लिए निवेश करें
आपको एक ऐसा निवेश पोर्टफोलियो तैयार करने पर विचार करना चाहिए जिससे आपको रिटायरमेंट के बाद नियमित रूप से पैसे मिल सके। इसके लिए आप नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) और एन्युटी जैसी योजनाओं में निवेश करने के विकल्प ढूंढ सकते हैं। निवेश साधन का चयन करने से पहले, अपने रिटायरमेंट के बाद नियमित रूप से जरूरत पड़ने वाले पैसे का अनुमान लगाएं और उसी हिसाब से आप एक उपयुक्त निवेश उत्पाद का चयन कर सकते हैं।
लेखक बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ हैं।

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