ताज़ा खबर
 

जान‍िए, कैसे बिटक्वाइन को चुनौती देने वाले इस स्टार्ट-अप ने तीन घंटे में जमा किए 985 करोड़ रुपये

इजराइल के स्टार्ट-अप बैंकोर ने एक ऐसा प्रोटोकॉल विकसित किया है जिससे खुद के डिजिटल "स्मार्ट टोकेन" बनाकर उन्हें बेचा सकता है।

बैंकोर ने एक ब्लॉकचे नामक प्लेटफॉर्म विकसित किया है जिससे डिजिटल लेन-देन का ज्यादा सटीक हिसाब रखा जा सकता है। (फाइल फोटो)

आपने बिटक्वाइन जैसी डिजिटल करेंसी के बारे में सुना है? अगर आपको लगता है कि डिजिटल करेंसी केवल कुछ टेक-सेवी लोगों का शौक या फितूर है तो आप ये खबर आपके लिए है। डिजिटल करेंसी की सुविधा देने वाली एक कंपनी ने अपने टोकन (जी हां टोकन) बेचकर महज तीन घंटे में करीब 985 करोड़ रुपये जमा कर लिए। ये कैसे हुआ ये जानने से पहले आप ये जान लें कि ये टोकन क्या बला है? आपने विभिन्न कंपनियों द्वारा शेयर जारी किए जाने के बारे में सुना होगा। कंपनियां अपने शेयर जारी करती हैं और आम और खास लोग उन्हें खरीदकर उन कंपनियों के शेयर-धारक बन जाते हैं।

इजराइल के स्टार्ट-अप बैंकोर ने एक ऐसा प्रोटोकॉल विकसित किया है जिससे खुद के डिजिटल “स्मार्ट टोकेन” बनाकर उन्हें डिजिटल बाजार में सार्वजनिक रूप से बेचा सकता है। ये टोकन जारी करने के लिए आपको एक बिजनेस प्लान बनाना होगा और फिर उसका टोकन जारी करना होगा। जिन लोगों को लगेगा कि आपका बिजनेस प्लान सफल हो सकता है वो डिजिटल करेंसी से टोकन खरीदेंगे और उम्मीद करेंगे कि आपकी कंपनी का कारोबार बढ़ने के साथ ही उनके टोकन का मूल्य बढ़ता जाएगा। कंपनी ने इस डिजिटल टोकन को डॉलर इत्यादि से बदलने का भी यूनिक तरीका (ब्लॉकचेन) विकसित किया है। कई विशेषज्ञ बैंकोर के डिजिटल करेंसी को बिटक्वाइन से ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।

दूसरे को सुविधा देने वाले बैंकोर ने अपने प्रोटोकॉल का सफल नमूना भी खुद ही पेश किया। बैंकोर ने अपना टोकन जारी किया और तीन घंटे में 3,90,000 हजार एथर्स (बिटक्वाइन की प्रतिद्वंद्वी क्रिप्टोकरेंसी) की राशि जमा की। आपको जानकर हैरत होगी कि ये राशि अमेरिकी डॉलर के वर्तमान विनिमय मूल्य के अनुसार 15.30 करोड़ डॉलर (करीब 985 करोड़ रुपये) के बराबर है। कंपनी ने पहले पहल केवल एक घंटे के लिए टोकन की ऑनलाइन बिक्री की घोषणा की थी लेकिन मांग बढ़ने के कारण कंपनी को तीन घंटे तक के लिए बिक्री जारी रखने पड़े। द वाशिंगटन पोस्ट की खबर के अनुसार 11 हजार लोगों ने ऑनलाइन टोकन की खरीदारी की जिनमें से अकेले एक 2.7 करोड़ डॉलर (17 करोड़ रुपये) के टोकन खरीदे।

देखें क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा एक वीडियो-

डिजिटल करेंसी का विनिमय मूल्य तेजी से बढ़ता-घटता है लेकिन गार्डियन ने हाल ही में एक लेख में दावा किया था कि साल 2010 में महज 100 डॉलर के बिटक्वाइन का मूल्य साल 2017 में 7.5 करोड़ डॉलर हो चुका है। अगर ये खबर पढ़कर डिजिटल करेंसी आपको ललचाने लगी है तो याद रखें कि भारत जैसी तीसरी दुनिया के देश अभी कागज और धातु के बने नोटों और सिक्कों का प्रचलन कम करके कार्ड और मोबाइल ऐप से लेन-देन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं।

वीडियो- लालू यादव के विधायक ने पत्रकार से की बदसलूकी

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App