How and where to invest for kids future: know here some tips and plans here in hindi - यहां निवेश करके अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए जुटा सकते हैं ज्यादा पैसे - Jansatta
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यहां निवेश करके अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए जुटा सकते हैं ज्यादा पैसे

बच्चों की ऊंची शिक्षा के लिए पैसों का इंतजाम करना एक स्तरित लक्ष्य है। इसे कई उप-लक्ष्यों में बांटा जा सकता है, जैसे, हाई स्कूल की शिक्षा, अंडर-ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन, और उसके बाद की शिक्षा के लिए पैसों का इंतजाम करना।

बाजार से जुड़ी इंश्योरेंस पॉलिसियां, जिन्हें आम तौर पर यूएलआईपी के नाम से जाना जाता है, एक अच्छा दीर्घकालिक निवेश विकल्प है जिसकी मदद से आप अपने बच्चों की शिक्षा के लिए एक अच्छी-खासी रकम तैयार कर सकते हैं।

आदिल शेट्टी,
बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करना आज लगभग हर माता-पिता के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है। बढ़ती स्कूल, कॉलेज की फीस और समय के साथ बढ़ते अन्य शिक्षा संबंधी खर्च के कारण, साफ तौर पर फाइनेंशियल टारगेट्स को निर्धारित करना और उनके लिए पैसे बचाना बहुत जरूरी हो गया है। बच्चों की ऊंची शिक्षा के लिए पैसों का इंतजाम करना एक स्तरित लक्ष्य है। इसे कई उप-लक्ष्यों में बांटा जा सकता है, जैसे, हाई स्कूल की शिक्षा, अंडर-ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन, और उसके बाद की शिक्षा के लिए पैसों का इंतजाम करना।

इन उप-लक्ष्यों को कई सालों में पूरा करना होता है। इसलिए, इन सालों में अलग-अलग समय पर पैसों की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन यदि आप इस लक्ष्य के लिए पहले से ही बचत करना शुरू कर देते हैं तो आपके पास एक अच्छा-खासा फंड तैयार करने के लिए एक अच्छी-खासी अवधि मिल सकती है – लगभग 18 से 20 साल। इसलिए आप एक बड़ा जोखिम उठा सकते हैं और अधिक रिटर्न कमा सकते हैं, महंगाई को मात दे सकते हैं, और एक अच्छी-खासी रकम का इस्तेमाल करके एक अच्छी-खासी समय-सीमा में अपने टारगेट को पूरा कर सकते हैं।
इसके लिए यहां कुछ निवेश विकल्पों के बारे में बताया जा रहा है जिन पर माता-पिता गौर कर सकते हैं।

1- इक्विटी म्यूचुअल फंड: इसके लिए आप एक अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाली इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश कर सकते हैं। आप कम से कम रुपए 500 के साथ एक एसआईपी (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के माध्यम से अनुशासन के साथ निवेश करना शुरू कर सकते हैं। हर महीने एक निश्चित राशि अलग रखें। इनकी मदद से सिर्फ एक पर्याप्त रकम ही तैयार नहीं होगी बल्कि महंगाई को मात देने में भी मदद मिलेगी। म्यूचुअल फंड में किए गए निवेश में से एक साल के भीतर पैसे निकालने पर 15% शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स देना पड़ता है।

यदि आप एक साल से ज्यादा समय तक निवेशित रहते हैं और आपके कैपिटल गेन का परिमाण रुपए 1 लाख से अधिक है तो आपको 10% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स देना पड़ेगा। एसआईपी की मदद से आप थोड़ा-बहुत निवेश करना शुरू कर सकते हैं और आमदनी बढ़ने पर अपने निवेश के परिमाण को बढ़ा सकते हैं ताकि आप एक कार्यकुशल तरीके से अपने लक्ष्यों को पूरा कर सकें।

2- यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसी (ULIP): बाजार से जुड़ी इंश्योरेंस पॉलिसियां, जिन्हें आम तौर पर यूएलआईपी के नाम से जाना जाता है, एक अच्छा दीर्घकालिक निवेश विकल्प है जिसकी मदद से आप अपने बच्चों की शिक्षा के लिए एक अच्छी-खासी रकम तैयार कर सकते हैं। यूएलआईपी, लंबे समय वाले इंश्योरेंस प्रोडक्ट हैं जो अलग-अलग फंडों के माध्यम से अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करते हैं। इनमें किसी अन्य इंश्योरेंस प्रोडक्ट की तुलना में अधिक रिटर्न देने की क्षमता है।

आप एक निश्चित अवधि, मान लीजिए 15 से 20 साल के लिए, अपने बच्चों के नाम पर यूएलआईपी खरीद सकते हैं। चूंकि ये पांच साल के लॉक-इन पीरियड के साथ मिलते हैं, यूएलआईपी सुनिश्चित करता है कि आप इसमें डाले जाने वाले पैसे को निकाले बिना अनुशासन के साथ निवेश करते रहें। आप इस स्कीम में मासिक आधार पर निवेश कर सकते हैं। लम्बे समय में, ये म्यूच्यूअल फंड के समान रिटर्न देते हैं और आपकी मैच्योरिटी की रकम पर वर्तमान में कोई टैक्स नहीं लगता है। इसके अलावा, आप सेक्शन 80C के तहत रुपए 1.5 लाख तक टैक्स रिबेट के लिए क्लेम भी कर सकते हैं।

3- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): यदि अन्य फाइनेंशियल देनदारियों के कारण आपकी जोखिम की भूख कम है तो अपनी पूंजी को सुरक्षित रखना आपकी पहली जिम्मेदारी है। इस मामले में, पीपीएफ, एक पसंदीदा निवेश विकल्प है। आप सेक्शन 80C के तहत पीपीएफ में निवेश करके हर साल ज्यादा से ज्यादा रुपए 1.5 लाख तक टैक्स कटौती का लाभ उठा सकते हैं। यह स्कीम 15 साल में मैच्योर होती है। इसलिए, 7.6% की वर्तमान ब्याज दर के साथ, 15 साल तक हर साल रुपए 1.5 लाख निवेश करते रहने पर आपको अपने रुपए 22.5 लाख के कुल निवेश के बदले में लगभग रुपए 43 लाख की एक बड़ी रकम मिलेगी।

4- टर्म इंश्योरेंस: यह एक बड़ी रकम तैयार करने के लिए किया जाने वाला कोई निवेश नहीं है। लेकिन, आपके पोर्टफोलियो में इसका होना जरूरी है ताकि आपकी असमय मौत होने पर आपकी आमदनी पर निर्भर रहने वाले आपके परिवार के लोग आर्थिक दृष्टि से सुरक्षित रह सकें। आपकी गैर-मौजूदगी में आपके सभी कर्ज और देनदारियां, आपके बच्चों की शिक्षा का खर्च, अन्य मासिक खर्च, इत्यादि जरूरतों को पूरा करने के लिए आपकी आमदनी की जगह लेने के लिए आपको अपनी वार्षिक आमदनी का लगभग 10 से 20 गुना रकम वाला इंश्योरेंस लेना चाहिए।

आपको समय-समय पर अपने लाइफ कवर पर फिर से गौर करना चाहिए और अपने परिवार की बढ़ती जरुरतों, बढ़ते खर्च और अपनी बढ़ती आमदनी के अनुसार इंश्योरेंस का परिमाण बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। याद रखें, आपकी आमदनी पर निर्भर रहने वाले लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना अपने निवेश की योजना बनाना। इसके अलावा, टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम के लिए दी गई रकम को, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स रिबेट के लिए क्लेम किया जा सकता है।
लेखक बैक बाजार डॉट कॉम के सीईओ हैं।

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